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कभी ऐसा दिखता था हमारा खूबसूरत ‘जयपुर‘

कभी ऐसा दिखता था हमारा खूबसूरत ‘जयपुर‘

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जयपुर

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Dinesh Saini

Mar 30, 2018

Old Jaipur

राजस्थान की राजधानी जयपुर जो पिंकसिटी के नाम से दुनियाभर में विख्यात है। आज परकोटे से निकलकर बाहर की तरफ फैल गया है। विकास का पहिया इतनी तेजी से घूम रहा है कि चारों दिशाओं में बसावट का दौर जारी है। सवाई जयसिंह ने जब जयपुर बसाया था तो शायद उन्होंने कल्पना भी नहीं की होगी कि उनका जयपुर विकास के सौपान इतनी तेजी से पार करेगा। इन सबके बीच यह भी किसी ने कल्पना नहीं की होगी कि जिन विरासत पर हम इतराते हैं, विकास के दौर में उन पर भी दाग लग जाएगा। शहर का नक्शा अब बिलकुल पलट गया है। जहां बेलगाडिय़ां चलती थीं, वहां आज लो फ्लोर बसें चल रही हैं। लोग चौपालों में बैठकर शहर की चर्चा करते थे, अब लोगों को इसकी फुर्सत ही नहीं है। हां, बदलाव जरूर आया है, लेकिन संस्कृति खोती जा रही है। आइए तस्वीरों के झरोखों से देखते हैं उस पुराने रियासतकालीन जयपुर को...

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Old Jaipur

छोटी चौपड़: 148 साल पहले चौपड़ के चारों ओर दुकानें हुआ करती थी, जिन पर लोग रोजमर्रा का सामान खरीदते थे। चांदपोल से छोटी चौपड की ओर... पहले... उस समय नहीं थी वाहनों की रेलमपेल

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57 साल पहले का जौहरी बाजार: 1943 के बाद मिर्जा इस्माइल ने जौहरी बाजार में बरामदे बनवाए थे। बरामदे बनने के बाद लोगों को धूप-बारिश से राहत मिली। उस दौरान यहां किसी तरह का अतिक्रमण नहीं था। लोग सडक़ पर सुगमता से आते-जाते थे।

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1829 गलता गेट: पहले सिर्फ प्रवेश गेट ही दिखता था। लोग लंबा पैदल रास्ता तय कर तीर्थ के दर्शन करने आते थे।

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40 लाख के करीब है शहर की जनसंख्या, 789.52 वर्ग किमी में है शहर का विस्तार, 76.44 प्रतिशत है शहर की साक्षरता

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1905 लोगों का आने-जाने का मुख्य साधन साइकिल हुआ करता था। इससे कभी जाम के हालात भी नहीं बने। उस समय भीड़-भाड़ नहीं थी।

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