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CM राजे इस बड़े अफसर की ‘हरकतों’ को जानकार हुईं नाराज़, हाथों-हाथ ले डाला एक्शन, जानें पूरा मामला

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vasundhara raje

जयपुर।

डूंगरपुर दौरे के दौरान जनसंवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को एक आरएएस अफसर और कुछ अन्य सरकारी नुमाइंदों की लापरवाही का पता चला था। जनसुनवाई में लोगों ने इन अफसरों के खिलाफ नाराज़गी ज़ाहिर की थी और काम में लापरवाही की शिकायत की थी। इन शिकायतों के बाद सीएम राजे के कहने पर सरकार ने एक वरिष्ठ प्रशासनिक अफसर पर कार्रवाई करते हुए उसे एपीओ कर दिया है। साथ ही अन्य कर्मचारियों पर भी तत्काल एक्शन लिया गया है।

जानकारी के अनुसार राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री के जनसंवाद कार्यक्रम के तहत शिकायत मिलने पर डूंगरपुर जिले के आसपुर के उपखण्ड अधिकारी विजयेश कुमार पण्डया को पदस्थापन की प्रतीक्षा (एपीओ) कर दिया है।

जनसंवाद में शिकायत पर दो पर गाज
पण्डया के बारे में मुख्यमंत्री को जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान साबला स्थित संत मावजी सभागार में एसडीओ पर काम लम्बित करने तथा पचलासा गांव में जमीन सम्बन्धी मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं करने के आरोप लगाए गए थे। इस पर सीएम ने पत्रावलियां तलब कर एसडीओ को एपीओ करने के आदेश दिया।

एईएन निलम्बित
जनसंवाद के दौरान ही 5 साल से कृषि कनेक्शन नहीं मिलने की शिकायत पर सीएम ने विद्युत निगम के सहायक अभियंता लाडूराम मीणा को निलम्बित कर दिया है।

एक अन्य आदेश, इन्हें मिली पदोन्नति
कार्मिक विभाग की ओर से इस बारे में दो अलग-अलग आदेश जारी किए गए हैं। आदेश में भारतीय वन सेवा के दो अधिकारियों को मुख्य वन संरक्षक से अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्रृंखला में पदोन्नति दी है, जो एक अगस्त से प्रभावी होगी।

पदोन्नति के जारी आदेश के तहत भारतीय वन सेवा के अधिकारी अनुराग भारद्वाज व शिखा मेहरा को मुख्य वन संरक्षक से अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक वेतन श्रृंखला दी गई है, जो एक अगस्त 2018 से प्रभावी होगी।


... और इधर, 30 साल बाद PHED में बंटी प्रमोशन की मिठाई
जलदाय विभाग में कार्यरत कर्मचारियों के लिए मंगलवार का दिन खुशी से भरा रहा। 30 साल से पदोन्नति की मांग कर रहे कर्मचारियों के लिए कार्मिक विभाग ने आदेश जारी किए जिससे 15 हजार से अधिक कर्मचारियों के पदोन्नति का रास्ता साफ हो गया। राजस्थान वाटर वक्र्स कर्मचारी संघ की ओर से जून 2015 में पदोन्नति और अन्य मांगों को लेकर 11 दिन का आमरण अनशन तक किया गया था।

दरअसल, जलदाय विभाग में सालों से बेलदार, हेल्पर, पेंटर, पंप ऑपरेटर द्वितीय, इलेक्ट्रिशियन सेकंड, वायरमेन सेकंड, कापरपेंटर, पल्म्बर समेत अन्य पदों पर कार्यरत कर्मचारियों को विभागीय पदोन्नति नहीं मिल रही थी। इसे लेकर कर्मचारी संगठन आंदोलनरत थे। राजस्थान वाटर वक्र्स कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष ईश्वरचंद शर्मा और कार्यवाहक अध्यक्ष कुलदीप यादव ने बताया कि कार्मिक विभाग से आदेश जारी होने के बाद 15 हजार 628 जलदाय कर्मियों को पदोन्नति मिलेगी।

मिठाई बांटकर जाहिर की खुशी
कार्मिक विभाग की ओर से आदेश जारी होने के बाद कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ गई और एक-दूसरे को मिठाइयां खिलाकर कर्मचारियों ने खुशी जाहिर की।
राजस्थान जलदाय कर्मचारी महासंघ के प्रदेश महामंत्री बाबूलाल शर्मा ने बताया कि कर्मचारी लंबे समय से पदोन्नति नहीं मिलने से निराश थे लेकिन अब उन्हें खुशी मिली है। कर्मचारियों ने पदोन्नति की मांग पूरी करवाने में प्रमुख भूमिका निभाने पर विभाग के प्रमुख शासन सचिव रजत कुमार मिश्र का भी आभार जताया। कर्मचारियों ने विभाग से मांग की है कि अब जल्द ही कार्मिकों के पदोन्नति आदेश जारी किए जाएं।

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