14 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

लोकसभा चुनाव से पहले लामबंद हुआ रावणा राजपूत समाज, टिकट देने की मांग

लोकसभा चुनाव से पहले रावणा राजपूत समाज ने राजनीतिक पार्टियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

2 min read
Google source verification
ravna_samaj_1.jpg

जयपुर। लोकसभा चुनाव से पहले रावणा राजपूत समाज ने राजनीतिक पार्टियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। श्री अखिल रावणा राजपूत सेवा संस्थान राजस्थान के प्रदेश प्रतिनिधियों ने रावणा समाज के लिए सरकार और प्रमुख राजनीतिक दलों में संख्या के अनुपात के हिसाब से एक-एक टिकट देकर सत्ता और संगठन में प्रतिनिधित्व देने की मांग की है। साथ ही समाज के लोगों ने बीजेपी पर विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाया है।

प्रदेश सलाहकार रणजीत सिंह गेंदिया ने बताया कि विधानसभा चुनावों में रावणा राजपूत समाज के प्रदेश अध्यक्ष रणजीत सिंह सोडाला ने सिविल लाइन्स विधानसभा क्षेत्र से निर्दलिय चुनाव लड़ने के लिए फॉर्म भरा तो भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने फॉर्म उठवा कर चलते चुनाव में प्रदेश मन्त्री की जिम्मेवारी दी थी लेकिन अब भाजपा ने नई प्रदेश कार्यकारिणी घोषित की तो उसमे रावणा राजपूत समाज को कोई जिम्मेवारी नही दी गई है। जिससे ऐसा लग रहा है कि भाजपा ने समाज को केवल विधानसभा चुनावों में उपयोग में ही लिया है।

प्रदेश प्रतिनिधि और नागौर जिला अध्यक्ष रणवीर सिंह बिरलोका ने कहा कि रावणा राजपूत समाज का शासन प्रशासन में प्रतिनिधित्व लगभग शून्य है और हमारे समाज का एक भी व्यक्ति आज तक तक लोकसभा या राज्यसभा का सदस्य नही रहा है और न किसी राष्ट्रीय दल ने कभी टिकट देकर लोकसभा या राज्यसभा जाने का अवसर दिया है। इसलिए राजस्थान का रावणा राजपूत समाज भाजपा और कांग्रेस पार्टी से एक एक लोकसभा टिकट की मांग करता है। साथ ही रावणा राजपूत समाज का अधिकतम झुकाव भाजपा की तरफ रहा है और अभी प्रदेश में भाजपा की सरकार है अतः रावणा राजपूत समाज बोर्ड, निगम या अन्य पदों पर समाज के योग्य व्यक्तियों की नियुक्ति के साथ साथ राजस्थान राज्य मेजर दलपत सिंह (हैफा स्मृति) कल्याण बोर्ड में अध्यक्ष सहित सभी सदस्यों की नियुक्ति की मांग की है। यदि सरकार व राजनीतिक दल रावणा राजपूत समाज की अनदेखी करते है तो आगे की रणनीति के लिए मार्च के अंतिम सप्ताह में प्रदेश प्रतिनिधि सभा की बैठक कर ठोस निर्णय लिया जाएगा।