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Ravindra Manch : कलाकारों को नहीं मिल रहा प्रोत्साहन, प्रशासन की अनदेखी के हो रहे शिकार

रवींद्र मंच को जयपुर का सांस्कृतिक केंद्र कहा जाता है। कलाकार कड़ी मेहनत से रिहर्सल करते हैं, जिससे दर्शकों को बेहतरीन नाटक देखने को मिले। वहीं कला और कलाकारों को प्रोत्साहित करने की बात आए तो कलाकार प्रशासन की अनदेखी के शिकार हो रहे हैं।

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जयपुर

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Rakhi Hajela

May 31, 2023

रवींद्र मंच को जयपुर का सांस्कृतिक केंद्र कहा जाता है। कलाकार कड़ी मेहनत से रिहर्सल करते हैं, जिससे दर्शकों को बेहतरीन नाटक देखने को मिले। वहीं कला और कलाकारों को प्रोत्साहित करने की बात आए तो कलाकार प्रशासन की अनदेखी के शिकार हो रहे हैं।

कमेटी में कलाकार शामिल नहीं

कलाकारों और संस्थाओं के लिए बनाई जाने वाली विभिन्न योजनाओं, नाट्य समारोह और अन्य कार्यों की कमेटी में कुछ सालों से कलाकारों को शामिल नहीं किया जा रहा, जबकि रवींद्र मंच सोसायटी के संविधान में 4 या अधिक कलाकारों को शामिल किया जाने का प्रावधान है। ऐसे में कलाकार लगातार इस बात की मांग कर रहे हैं कि सोसायटी के संविधान के मूल स्वरूप को फिर से जीवित किया जाए, जिससे कलाकारों की सहभागिता स्थापित की जा सके।

चाय पीने के लिए बाहर का रुख

रवींद्र मंच पर आए दिन नाटकों का मंचन होता है। दिनभर कलाकार रिहर्सल करते हैं। वहीं चाय-कॉपी पीने के लिए कलाकारों को बाहर का रुख करना पड़ता है। कलाकारों ने कहा कि यहां कॉफी हाउस नहीं होने से परेशानी होती है।

मानदेय कम, कट रहा टीडीएस

रवींद्र मंच प्रशासन की ओर से टैगोर योजना के तहत होने वाले नाटकों के मानदेय के रूप में 15 हजार रुपए दिए जाते हैं, उस पर टीडीएस कटता है। वहीं जेकेेके की ओर से पाक्षिक योजना के तहत करवाए जाने वाले नाटक के लिए कलाकार को मानदेय के रूप में 25 हजार रुपए के साथ टीए, डीए और टिकट शुल्क दिया जाता है।

शुल्क में ढाई गुना बढ़ोतरी

रवींद्र मंच सोसायटी की ओर से कोविड काल में बिना किसी कमेटी की ओर से सम्बद्ध संस्थाओं के लिए रवींद्र मंच सभागार, मुक्ताकाशी मंच, पूर्वाभ्यास हॉल और वर्कशॉप आदि के शुल्क में दो से ढाई गुना बढ़ोतरी की गई। इसका कलाकारों ने विरोध भी किया था, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं की गई।

सेट हुए पुराने

रवींद्र मंच पर नाटकों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के उपयोग में आने वाले सेट और प्रॉपर्टी टूट-फूट गई है। आर्टिस्ट एसोसिएशन ऑफ राजस्थान ने इस संबंध में मंच प्रशासन से इसकी मांग की गई। अब तक उस पर कार्रवाई नहीं हुई।

इनका कहना है,

नाट्य और सांस्कृतिक एक्टिविटीज के लिए देश में रवींद्र मंच का विशिष्ट स्थान है। देश को यहां से कई जाने-माने कलाकार मिले हैं, लेकिन आज यहीं कला की दुर्गति हो रही है। सरकार को कलाकारों और कला के संवर्धन के लिए प्रयास करने की जरूरत है।

हिमांशु झांकल, अध्यक्ष

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आर्टिस्ट एसोसिएशन ऑफ राजस्थान

कलाकारों की समस्या के समाधान के प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही कॉफी हाउस खोला जाएगा। मानदेय बढ़ा दिया गया है। अन्य जो समस्याएं हैं, उन्हें भी सुलझाया जाएगा।

प्रियव्रत चारण, प्रबंधक,