
आरसीडीएफ की परियोजनाओं के संचालन में एनडीडीबी देगी तकनीकी सहायता
जयपुर, 27 सितम्बर। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड राजस्थान में विभिन्न परियोजनाओं के संचालन में सहयोग के लिए अब आरसीडीएफ को तकनीकी सहायता देगा ताकि समय पर परियोजनाओं को पूरा किया जा सके। इसके लिए ाष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के आणंद स्थित मुख्यालय में कार्य योजना तैयार की जा रही है और जल्दी ही अधिकारियों की एक टीम को आरसीडीएफ भेजा जाएगा। आरसीडीएफ की ओर से उत्पादित दुग्ध और दुग्ध उत्पादों के विपणन में सहायता के लिए भी दो अधिकारियों को दो साल के लिए निशुल्क आरसीडीएफ में भेजा जाएगा। इसके अलावा लम्पी बीमारी से बचाव और रोकथाम के लिए प्राथमिकता के आधार पर राजस्थान को वैक्सीनेशन की डोजेज भी मुहैया कराई जाएंगी। यह बात राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के चैयरमेन मीनेश शाह ने आरसीडीएफ की प्रश्सासक और प्रबन्ध संचालक सुषमा अरोड़ा से मंगलवार को उनकी एनडीडीबी के आणंद स्थित मुख्यालय यात्रा के दौरान कही। एनडीडीबी ने चारा प्रबन्धन की चुनौती के लिए अपने विशेषज्ञ अधिकारियों को राजस्थान में भेजने का आश्वासन भी दिया है। अरोड़ा से चर्चा के दौरान एनडीडीबी ने पष्चिमी राजस्थान, विशेष रूप से मरुस्थल क्षेत्र में दुधारू पशुओं को पशु आहार के रुप में थोर्नलेस केकटस उपलब्ध कराने का सुझाव भी दिया है। चर्चा के दौरान अरोड़ा ने राजस्थान में पशु आहार की कमी को ध्यान में रखते हुए टोटल मिक्स्ड राशन के ब्लॉक्स के उत्पादन पर भी जोर दिया।
आणंद यात्रा के दौरान सुषमा अरोड़ा ने गुजरात को-ऑपरेटिव मिल्क मार्केंटिंग फैडरेशन के चैयरमेन शामल पटेल और प्रबन्ध संचालक आरएस सोढ़ी से भी मुलाकात की। इस दौरान सोढ़ी ने अरोड़ा को अमूल के विभिन्न उत्पाद और उनके डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क, डिजिटलाइजेशन और ग्राहकों की सन्तुष्टि के लिए किए जा रहे प्रयासों की विस्तृत जानकारी भी दी। आरसीडीएफ की प्रबन्ध संचालक सुषमा अरोड़ा ने अमूल डेयरी के प्लान्ट का भी विजिट किया और उनके नेटवर्क और ग्राम स्तर पर विलेज रिसोर्स परसंस की कार्य प्रणाली को विस्तार से समझा।
Published on:
27 Sept 2022 09:36 pm
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