
भरतपुर संभाग में एक मात्र भाजपा विधायक शोभारानी कुशवाह को अनुशासनहीनता के आरोप में पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। भाजपा की केंद्रीय अनुशासन समिति ने शोभारानी को भेजे निष्कासन के पत्र में कहा है कि स्पष्टीकरण देना तो दूर की बात है। उन्होंने आपने पार्टी नेतृत्व पर ही सार्वजनिक रूप से गलत आरोपों की झड़ी लगा दी।
शोभारानी कुशवाह पर 10 जून को राज्यसभा चुनाव में पार्टी व्हिप के विरुद्ध कांग्रेस प्रत्याशी प्रमोद तिवारी के पक्ष में मतदान करने का आरोप था। पार्टी ने उन्हें नोटिस देकर जवाब मांगा था, लेकिन शोभारानी ने मीडिया में एक पत्र जारी कर पार्टी के राष्ट्रीय नेताओं पर आरोप लगाए थे।
अब कांग्रेस या बसपा
सूत्रों के अनुसार शोभारानी के सामने अब कांग्रेस या बसपा का दामन थामने का विकल्प है। बाड़ी विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा के जरिए वे मुख्यमंत्री के संपर्क में बताई जा रही हैं। राज्यसभा में क्रॉस वोटिंग को भी इसी से जोड़कर देखा जा रहा है। वैसे भी कांग्रेस को धौलपुर विधानसभा क्षेत्र से मजबूत प्रत्याशी की तलाश है। वहीं, उनके पति बी.एल. कुशवाहा बसपा से विधायक रह चुके हैं।
अनुशासन की सीमा को लांघा
पार्टी की केंद्रीय अनुशासन समिति के सदस्य सचिव ओम पाठक ने पत्र जारी कर शोभारानी से कहा है कि आपको तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित किया जाता है। शोभारानी से कहा गया है कि उन्होंने पार्टी के विधायक होने के नाते अनुशासन की सीमा को लांघा है।
विधानसभा में बैठेंगी अलग
पार्टी से निष्कासन के बाद अब नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर इसकी जानकारी देंगे। इसके बाद शोभारानी कुशवाह के नाम के आगे से भाजपा विधायक हटा दिया जाएगा। सदन में उनकी सीट भी बदल जाएगी। राज्यसभा चुनाव में दलबदल कानून लागू नहीं होने से उनकी सदस्यता को किसी तरह का खतरा नहीं होगा।
Published on:
17 Jun 2022 02:16 am
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