18 मार्च 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

शेर बघेरे ज्यादा प्यारे या मोर कबूतर, क्या सोचती हैं दुनिया, पढिए इस खबर में

नाहरगढ़ बायोलोजिकल पार्क में पर्यटकों की संख्या चिडिय़ाघर से आधी, अल्बर्ट हॉल, हवामहल, नाहरगढ़ किला पीछे छूटा

2 min read
Google source verification
jaipur

जयपुर। पर्यटकों को हमेशा से जयपुर भाता रहा है। सर्दी का मौसम पर्यटन सीजन कहलाता है। पर्यटकों को यहां के किले, स्मारकों के साथ वन विभाग का जयपुर चिडिय़ाघर खासा भा रहा है। 2017 में आमेर किले के बाद चिडिय़ाघर ही सबसे पसंदीदा पर्यटक स्थल बनकर उभरा है। वहीं शेर-बघेरे-चीते जैसे वन्य जीव होने के बावजूद नाहरगढ़ बायोलोजिकल पार्क चिडिय़ाघर के सामने पिछड़ गया।

यह भी पढें : चाइनीज मांझे ने लगाए मेट्रो की रफ्तार पर ब्रेक

हवामहल और नाहरगढ़ भले ही पर्यटकों के लिए सबसे अच्छे सेल्फी प्वाइंट माने जाते हैं। इसके बावजूद पर्यटक इनसे अधिक मोर, तीतर, गोल्डन फिजेंट, सिल्वर फिजेंट, फ्लेमिंगों, ईगल, कबूतर समेत करीब दो दर्जन पक्षियों की प्रजातियों वाले रामनिवास बाग स्थित चिडिय़ाघर पसंद कर रहे हैं। इसकी पुष्टि 2017 में आए पर्यटकों के आंकड़े बयां कर रहे हैं। चिडिय़ाघर में जनवरी से दिसम्बर 2017 तक करीब 8 लाख 5 हजार से अधिक पर्यटक पहुंचे। जबकि इसी अवधि में हवामहल में 7.48 लाख और अल्बर्ट हॉल में 6.92 लाख पर्यटक पहुंचे। उधर, नाहरगढ़ बायोलोजिकल पार्क को करीब 4.22 लाख पर्यटकों ने देखा। हालांकि आमेर किला 19 लाख 15 हजार पर्यटकों के साथ सबसे आगे बना हुआ है।

यह भी पढें : एकतरफा प्यार ने करा दिया कुछ ऐसा, सलाखों में आने पर हुआ सनसनीखेज खुलासा

पसंद का ख्याल रखना भी जरूरी

चिडिय़ाघर को देखने बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं, जिनको यह भी पता है कि यहां शेर, चीते, बघेरे, भालू समेत कई अन्य तरह के वन्य जीव देखने को नहीं मिलेंगे। ऐसे में वन विभाग को पर्यटकों की पसंद का ख्याल रखना भी जरूरी है। विभाग ने चिडिय़ाघर में हिप्पोपोटेमस जैसे जीव लाने के प्रस्ताव भेज रखे हैं।

यह भी पढें : विवादों के चलते उपचुनाव में भाजपा के लिए मुश्किल हुआ सफर

कमाई भी करोड़ों में

पर्यटकों के आने से जहां व्यापार चलता है, वहीं पर्यटक स्थलों को अच्छी खासी आय होती है। वन विभाग भी इससे अछूता नहीं है। चिडिय़ाघर से विभाग को करीब 2 करोड़ और नाहरगढ़ बायोलोजिकल पार्क से करीब सवा दो करोड़ की आय हुई है।