
सिरसी रोड को चौड़ा करके अधूरा छोड़ा। फोटो: पत्रिका
जयपुर। जयपुर शहर में विकास के नाम पर शुरू किए कई प्रोजेक्ट अब लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गए हैं। कहीं डेढ़ साल से सड़कें खुदी पड़ी हैं तो कहीं चौड़ी करने के बाद भी निर्माण अधूरा है। कई जगह गड्ढे, अतिक्रमण और अव्यवस्थित ट्रैफिक के कारण जाम और हादसों का खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार विभागों की ओर से समाधान नहीं किया जा रहा है।
पत्रिका समूह के संस्थापक कर्पूर चंद्र कुलिश की जन्मशती वर्ष के अवसर पर आरटीओ जयपुर प्रथम और राजस्थान पत्रिका के संयुक्त अभियान में स्थानीय लोगों की ओर से बताए गए ब्लैक स्पॉट का पत्रिका टीम ने जायजा लिया तो इसके लिए नगर निगम, प्रशासन और यातायात पुलिस जिम्मेदार नजर आए।
इस रोड को चौड़ी करने का कार्य करीब एक साल पहले किया गया था, लेकिन सड़क अब तक नहीं बन पाई है। आधी सड़क खुदी होने से वाहनों की आवाजाही में परेशानी हो रही है। सड़क किनारे अतिक्रमण भी बढ़ गया है। कई जगह जेसीबी मशीनें खड़ी हैं तो कुछ दुकानदारों ने अपना सामान सड़क तक फैला रखा है, जिससे यातायात बाधित हो रहा है।
आनंद नगर निवासी राजेश जैन ने बताया कि सड़क पर लेन प्रणाली, स्पीड ब्रेकर, फुटपाथ और पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं है। सीवरेज मेनहोल की जालियां सड़क से काफी नीचे होने के कारण दुपहिया वाहन चालकों के गिरने का खतरा बना रहता है। कई जगह दिशा सूचक साइन बोर्ड पर भी पोस्टर चस्पा कर दिए गए हैं।
करीब डेढ़ किमी लंबी सड़क डेढ़ साल पहले सीवरेज लाइन डालने के लिए खोदी गई थी, लेकिन आज तक इसे फिर से नहीं बनाया गया। स्थानीय निवासी तन्मय गुप्ता ने बताया कि उधड़ी सड़क के कारण रोज शाम को जाम के हालात बन जाते हैं। कई बार दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं। बारिश के समय तो घुटनों तक पानी भर जाता है। लोग समस्या को लेकर पार्षद से शिकायत करने भी पहुंचे, लेकिन उन्होंने कोई मदद नहीं मिली।
मेट्रो स्टेशन के नीचे अवैध रूप से निजी बसें खड़ी की जाती हैं, जिसके कारण वाहनों और यात्रियों को स्टेशन रोड से ही गुजरना पड़ता है। स्थानीय पवन कुमार अग्रवाल ने बताया कि रेलवे स्टेशन के गेट नंबर 1 के बाहर लोकल बस स्टैंड बना है। नो पार्किंग जोन में ई-रिक्शा खड़े रहते हैं इससे कुछ-कुछ देर में जाम के हालात बन जाते हैं।
सिविल लाइंस फाटक के पास इस मार्ग पर बना छोटा सा डिवाइडर भी दुर्घटनाओं का कारण बन रहा है। यहां थड़ी लगाने वाले प्रदीप मांगनानी ने बताया कि पूरी सड़क पर कहीं भी डिवाइडर नहीं है और बीच में यह छोटा सा डिवाइडर बना हुआ है। रात को स्ट्रीट लाइट नहीं होने के कारण यह दिखाई नहीं देता और कई वाहन चालक दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं।
न्यू सांगानेर रोड पर अतिक्रमण हटाकर सड़क की चौड़ाई तो बढ़ा दी लेकिन इसके बाद निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया। डेढ़ से दो किमी लंबी सड़क दो साल से इसी हालत में है। चाय की दुकान चलाने वाले रवि सैनी ने बताया कि खुदी हुई सड़क के कारण धूल-मिट्टी उड़ती रहती है, जिससे आस-पास रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर भी असर पड़ रहा है और दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है।
शहर के लोग पत्रिका के 8094020235 नंबरों पर ब्लैक स्पॉट की सूचना भेज सकते हैं। इन नंबरों पर सिर्फ वॉट्सएप करें। अपने नाम, मोबाइल नंबर और लोकेशन के साथ फोटो साझा करें।
Updated on:
18 Mar 2026 07:41 am
Published on:
18 Mar 2026 07:41 am
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