5 अप्रैल 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

80 के दशक में बने पट्टों का पंचायतों में रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं

जिले की गोविंदगढ़ पंचायत समिति की ग्राम पंचायत लोहरवाड़ा एवं अणतपुरा चिमनपुरा ग्राम पंचायतों में 80 के दशक में जारी पट्टों के रिकॉर्ड नहीं होने के कारण पट्टा धारकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पंचायतों में पट्टा संबंधित रिकॉर्ड नहीं होने से जिन ग्रामीणों को 80 के दशक में सरपंच ने पट्टे जारी किए थे।

2 min read
Google source verification
80 के दशक में बने पट्टों का पंचायतों में रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं

80 के दशक में बने पट्टों का पंचायतों में रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं

जयपुर। जिले की गोविंदगढ़ पंचायत समिति की ग्राम पंचायत लोहरवाड़ा एवं अणतपुरा चिमनपुरा ग्राम पंचायतों (anatpura Chimanpura gram panchayat) में 80 के दशक में जारी पट्टों के रिकॉर्ड नहीं होने के कारण पट्टा धारकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पंचायतों में पट्टा संबंधित रिकॉर्ड नहीं होने से जिन ग्रामीणों को 80 के दशक में सरपंच ने पट्टे जारी किए थे। उन्हें पट्टों का नवीनीकरण, पट्टा धारक की मौत हो जाने पर उत्तराधिकारी के नाम से पट्टा जारी करवाने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में पट्टा धारक ग्राम पंचायत सहित सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें कहीं से राहत नहीं मिल रही।

जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत लोहरवाड़ा एवं अणतपुरा चिमनपुरा (anatpura Chimanpura gram panchayat) में 1980 से 1994 तक जारी पट्टों का रिकॉर्ड ग्राम पंचायतों के पास उपलब्ध नहीं है। ग्राम पंचायत सूत्रों की मानें तो इस दौरान लोहरवाड़ा ग्राम पंचायत ने करीब दो सौ से अधिक पट्टे जारी किए थे। जिन पर वर्तमान में अधिकांश जगहों पर पक्के मकान बने हुए हैं, लेकिन इस दौरान का ग्राम पंचायत में पट्टा संबंधी रिकॉर्ड नहीं होने के कारण पट्टा धारकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह आंकड़ा केवल दो ग्राम पंचायतों का ही है।

रजिस्ट्रेशन-योजनाओं का नहीं मिल रहा लाभ
ग्राम पंचायतों की ओर से पट्टा जारी करने के बाद पट्टा धारक को तीन माह में रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होता है। बिना रजिस्ट्रेशन पट्टे का कोई उपयोग नहीं होता। ऐसे में 1980 से 1995 तक बनाए गए पट्टों पर लोगों ने मकान तो बना लिए, लेकिन जागरूकता की कमी के कारण उनका रजिस्ट्रेशन नहीं कराया। वर्तमान में रजिस्ट्रेशन के लिए पट्टों का नवीनीकरण होना जरूरी है। नवीनीकरण के लिए संबंधित ग्राम पंचायत में पट्टे संबंधी रिकॉर्ड होना जरूरी है। बिना रजिस्ट्रेशन के पट्टे पर मिलने वाले ऋण सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ भी नहीं मिल पाता। रिकॉर्ड नहीं होने पर पहले जारी पट्टे पर दूसरा पट्टा जारी होने पर विवाद उत्पन्न हो सकता है।

1995 में ग्राम पंचायत का हुआ था विघटन
ग्राम पंचायत अणतपुरा चिमनपुरा (anatpura Chimanpura gram panchayat) 1980 में लोहरवाड़ा ग्राम पंचायत का हिस्सा थी। 1995 में ग्राम पंचायत का विघटन होने पर अणतपुरा, चिमनपुरा व बलेखण को मिलाकर नई ग्राम पंचायत अणतपुरा चिमनपुरा बनाया गया। ग्राम पंचायत लोहरवाड़ा में 1980 में तत्कालीन सरपंच ने ग्रामीणों को पट्टे जारी किए थे। इस दौरान लोहरवाड़ा, अणतपुरा, चिमनपुरा, बलेखण में करीब दो सौ अधिक पट्टे जारी किए थे। इनमें से करीब 150 अणतपुरा चिमनपुरा तथा 50 बलेखण सहित लोहरवाड़ा में हैं, लेकिन इन पट्टों का दोनों ग्राम पंचायतों के पास रिकॉर्ड नहीं है।

मामला जानकारी में आया है। संबधित ग्राम पंचायत से रिकॉर्ड संबंधी जानकारी लेकर सरकार की ओर से लगाए जा रहे प्रशासन गावों के संग शिविर में समाधान करने के प्रयास किए जाएंगे।

भागीरथ मल, विकास अधिकारी गोविन्दगढ़

ग्राम पंचायत में 1980 में बने पट्टों के नवीनीकरण के लिए आवेदन आने पर ग्राम पंचायत लोहरवाड़ा से पट्टों से संबंधित रिकॉर्ड की सूचना मांगने पर लोहरवाड़ा ग्राम पंचायत प्रशासन ने पंचायत में पट्टा संबंधित रिकॉर्ड उपल्बध नहीं होने की जानकारी दी है। इससे पट्टों का नवीनीकरण सहित नाम ट्रांसफर नहीं हो रहे हैं। मामले को लेकर उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया है।
बद्री प्रसाद सैसोटिया, सरपंच, ग्राम पंचायत अणतपुरा

चिमनपुरा ग्राम पंचायत कार्यालय में 1980 से 1995 तक बने पट्टों की पट्टा पत्रावली संबंधी रिकॉर्ड उपल्बध नहीं है। पूर्व जनप्रतिनिधियों के अनुसार तो पट्टा पत्रावली रिकॉर्ड आग लग जाने से जलने की जानकारी मिली है। मामले को लेकर उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया है।

मनोहर सरावता, सरपंच, ग्राम पंचायत लोहरवाड़ा