
संसद में फिर गूंजा REET परीक्षा मामला, सांसद बोहरा ने की फीस वापिस करने की मांग
जयपुर। राजस्थान का रीट (राजस्थान अध्यापक पात्रता परीक्षा) भर्ती परीक्षा का मुद्दा एक बार फिर संसद में गूंजा। जयपुर शहर सांसद रामचरण बोहरा ने संसद में शून्यकाल के दौरान रीट परीक्षा का मुद्दा उठाया और कहा कि राजस्थान में कांग्रेस सरकार के बनने के बाद जितनी भर्ती परीक्षाएं हुई, वे सभी संदेह के घेरे में हैं। हर प्रतियोगी परीक्षा का पेपर आउट हुआ है।
राजस्थान में रीट परीक्षा में 16 लाख विद्यार्थी शामिल हुए। उनके लिए राजस्थान की जनता ने अपने अतिथि सत्कार की परम्परा को निभाते हुए उन बच्चों के लिए खाने, पीने, रहने और आने-जाने की व्यवस्था तक की। उन सभी के विश्वास को ठेस पहुंचाते हुए राजस्थान की सरकार में मंत्रियों के निर्देशन में रीट परीक्षा का पर्चा आउट हुआ और एसओजी छोटे कर्मचारियों को धड़ाधड़ गिरफ्तार कर रही है। एसओजी छोटे कर्मचारियों को गिरफ्तार कर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर रही है। अब जांच सीबीआई को सौंपने की जरूरत है, जिससे दूध का दूध और पानी का पानी हो जाए। साथ ही परीक्षार्थियो की फीस वापस कर उन्हें खर्चा देने की मांग की।
यूं गरमाया है मामला
रीट पेपर लीक को लेकर गहलोत सरकार के खिलाफ विपक्ष और छात्रों का विरोध बढ़ता जा रहा है। विधानसभा में लगातार यह मामला उठाया गया। स्थिति सदन स्थगित करते तक पहुंच चुकी है। एसओजी (विशेष अभियान समूह) की जांच में अब यह बात साफ हो चुकी है कि रीट परीक्षा में पेपर लीक की घटना हुई थी। हालांकि, सरकार लेवल एक का पेपर रद्द कर चुकी है। लेकिन विपक्ष और कई संगठन इस पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग कर रहे हैं। जबकि, सरकार अब तक इस मामले में किसी तरह का फैसला नहीं कर पाई है।
Published on:
11 Feb 2022 07:36 pm
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