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SMS हॉस्पिटल में रेफरेंस सुविधा बनी दुविधा, भटक रहे मरीज-परिजन

Rajasthan News: सवाई मानसिंह अस्पताल में रेफरेंस की नई व्यवस्था मरीजों के लिए उपयोगी साबित नहीं हो रही है। स्थिति यह है कि मरीज व उनके परिजन अभी भी हाथ में फाइल लेकर अस्पताल में इधर से उधर घूमने को मजबूर है।

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SMS Hospital News: सवाई मानसिंह अस्पताल में रेफरेंस की नई व्यवस्था मरीजों के लिए उपयोगी साबित नहीं हो रही है। स्थिति यह है कि मरीज व उनके परिजन अभी भी हाथ में फाइल लेकर अस्पताल में इधर से उधर घूमने को मजबूर है। दरअसल, अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिए अस्पताल प्रशासन ने गत दिनों ऑनलाइन व ऑफलाइन रेफरेंस की सुविधा शुरू की थी। लेकिन धन्वन्तरि ब्लॉक में ऑफलाइन रेफरेंस केवल जनरल मेडिसिन, नेफ्रोलॉजी, गेस्ट्रोलॉजी, कार्डियोलॉजी और एंडोक्राइनोलॉजी विभाग के मरीजों के ही हो रहे हैं। जबकि ईएनटी, कैंसर, ऑर्थोलॉजी, न्यूरो सर्जरी समेत कई विभागों में भर्ती मरीजों के परिजन को रेफरेंस के लिए ओपीडी या वार्डों में चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। हालांकि ऑनलाइन रेफरेंस की सुविधा है, लेकिन उसमें चिकित्सकों का कई घंटे इंतजार करना पड़ रहा है। ऐसे में तत्काल रेफरेंस की जरूरत पड़ने पर दिक्कत आ रही है।

अस्पताल के न्यूरोलॉजी, मेडिसिन, कार्डियो, ऑर्थो, यूरोलॉजी समेत अन्य विभाग के वार्ड, आइसीयू में भर्ती कई मरीजों में अन्य बीमारियां भी हैं। इनके इलाज के लिए वहां से संबंधित विभाग में रेफरेंस के लिए भेजकर विशेषज्ञ चिकित्सक से सजेशन मांगा जाता है। इसी तरह सर्जरी के लिए भी अन्य विभागों में रेफरेंस भेजकर सजेशन मांगा जाता है। जिसे फिटनेस सर्टिफिकेट भी कहा जाता है। रोजाना इस प्रक्रिया से यहां भर्ती 500 से ज्यादा मरीज गुजरते हैं।
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महिला चिकित्सालय, जनाना अस्पताल, कांवटिया अस्पताल, जेके लोन अस्पताल से भी रेफरेंस के लिए मरीजों को एसएमएस अस्पताल लाया जाता है। कारण कि वहां पर ऑनलाइन रेफरेंस भेजने की सुविधा नहीं है, ऐसे में मरीज व उनके परिजन को एसएमएस अस्पताल में आना पड़ता है। यहां उन्हें सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही है। यह भी सामने आया कि चिकित्सक नहीं मिलने पर उन्हें बार-बार आना पड़ता है।

जिन विभागों में ऑफलाइन रेफरेंस की सुविधा नहीं है, उन्हें महत्वपूर्ण विभागों से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही समस्या का समाधान हो जाएगा।
- डॉ.अचल शर्मा, अधीक्षक, एसएमएस अस्पताल