
कच्ची बस्तियों को सरकार ने दिया नियमन का तोहफा, यूं मिलेगा पट्टा
जयपुर। शहरों में सरकारी भूमि पर बसी कच्ची बस्तियों के नियमन का रास्ता साफ हो गया है। सरकार जल्द इन बस्तियों का सर्वे कराएगी। कच्ची बस्ती उनको माना जाएगा जो वर्ष 2004 में सर्वेशुदा बस्तियों से अलग होंगी। इसके लिए 31 दिसंबर 2021 तक बसी कच्ची बस्तियों का सर्वे किया जाएगा। यूडीएच और एलएसजी ने मंत्रिमंडल आज्ञा जारी होने के बाद इस बारे में आदेश जारी किए है। आदेश में नई कच्ची बस्तियों का पट्टा पति व पत्नी के संयुक्त नाम से पट्टा जारी किया जाएगा। पट्टे पर दोनों की फोटाे भी लगाए जाएगी। इस नए आदेश से नई कच्ची बस्तियों का भी नियमन किया जा सकेगा। सरकार ने आवासीय के लिए 110 वर्गगज तक के कब्जे और व्यावसायिक उपयोग के लिए 15 वर्गगज तक के क्षेत्रफल के भूखंडों नियमन तय किया है। 110 से 200 वर्गगज तक का भी नियमन होगा, लेकिन उसके लिए सरकारी भूमि के नियमन की दर से पैसा देना होगा।
यह तय की है दरें
नगर निगम क्षेत्र में 1 से 50 वर्गगज तक 40 रुपए प्रति वर्गगज में पट्टा दिया जाएग। इससे अधिक भूमि का 80 रुपए प्रति वर्गगज पर पट्टा जारी होगा नगर परिषद क्षेत्र में 1 से 50 वर्गगज तक 30 रुपए प्रति वर्गगज और इससे अधिक भूमि का 60 रुपए प्रति वर्गगज पर पट्टा जारी होगा। इसी तरह नगर पालिका क्षेत्र में 1 से 50 वर्गगज तक 20 रुपए और इससे अधिक भूमि का 40 रुपए प्रति वर्गगज पर पट्टा जारी होगा। बीपीएल परिवारों को इससे आधी दर पर जारी पट्टा दिया जाएगा।
Published on:
27 Apr 2023 08:29 pm
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