जयपुर। राजधानी जयपुर के करतापुरा नाले को द्रव्यवती नदी की तर्ज पर पक्का करने और पानी को शोधित करने की तैयारी नए सिरे से शुरू हो गई है। पानी को शोधित करने के लिए नाले पर एक एसटीपी भी लगाई जाएगी, जिससे नाले का गंदा पानी द्रव्यवती नदी में प्रवाहित नहीं हो। इसके लिए जेडीए फिर से एक्शन प्लान बनाएगा। करतारपुरा पुलिया से शिप्रापथ तक करीब 4.8 किलोमीटर लंबे नाले को पक्का किया जाएगा। इसके साथ ही नाले पर हुए अतिक्रमणों पर जेडीए बुलडोजर चलाएगा। अफसरों की अनदेखी के कारण बाइस गोदाम से शिप्रापथ तक नाला अतिक्रमण की भेंट चुका है। हालांकि इससे पहले जेडीए फिर से नाले का ड्रोन सर्वे कराएगा, जो इसी सप्ताह शुरू होगा।
करतारपुरा नाले को पक्का करने की कवायद पिछले 6 साल से चल रही है। इसे लेकर तीन बार योजना बन चुकी, लेकिन धरातल पर कोई काम नहीं हुआ। अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद जेडीए ने नाले को पक्का करने की फिर से कवायद शुरू की है। हालांकि पहले नाले का सीमांकन किया जाएगा।
सर्वे के आधार पर तय होगी चौड़ाई
जेडीए करतारपुरा नाले का राजस्व और भू-प्रबंधन विभाग के सहयोग से डिफरेंशियल ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (डीजीपीएस) सर्वे करवाएगा। इसके आधार पर नाले की चौड़ाई एवं सेंटर पोइंट का निर्धारण किया जाएगा।
30 मीटर तक चौड़ा करने की तैयारी
जेडीए अधिकारियों की मानें तो करतारपुरा नाले के करीब 4.8 किलोमीटर कच्चे हिस्से को 30 मीटर तक चौड़ा करने की तैयारी की जा रही है। इसके साथ ही इस नाले के दोनों ओर कॉरिडोर बनाने की कवायद भी शुरू हो गई है। इससे नाले की चौड़ाई बढ़ाने के साथ-साथ दोनों ओर एप्रोच रोड बन सकेगी।
अतिक्रमण-गंदगी से अटा नाला
पांच बत्ती से शिप्रापथ तक करतारपुरा नाले की कुल लंबाई 11.4 किलोमीटर है। इसमें करतापुरा पुलिया से शिप्रापथ तक 4.8 किलोमीटर में नाला कच्चा है। अतिक्रमण-गंदगी के कारण कई जगह नाले की चौड़ाई 30 फीट ही बची है।
दो दिन पहले अफसरों ने लिया जायजा
हाईकोर्ट के आदेश के बाद दो दिन पहले जेडीसी रवि जैन और जिला कलक्टर प्रकाश राजपुरोहित ने करतारपुरा नाले का निरीक्षण कर सच्चाई जानी। इस दौरान उन्होंने नाले को पक्का करने से पहले पीटी सर्वे और ड्रोन सर्वे फिर से कराने के निर्देश दिए। इसके बाद प्रोजेक्ट बनाकर नाले को पक्का करने का काम शुरू करने का निर्णय लिया गया।
आस—पास की कॉलोनियों के नियमन की तैयारी भी
जेडीए जोन उपायुक्त नाले के दोनों ओर अवैध निर्माणों को चिह्नित कर सर्वे रिपोर्ट तैयार करेगा। सुपर इम्पोजिंग के साथ-साथ 90ए सुओमोटो की कार्रवाई की जाएगी। इससे नाला क्षेत्र के आसपास बसी कॉलोनियों का नियमन हो सकेगा।
करतारपुरा नाला एक नजर में:
— 11.4 किलोमीटर है करतारपुरा नाले की लंबाई
— अतिक्रमण के कारण कई जगह 30 फुट ही बची है नाले की चौड़ाई
— अतिक्रमणों को चिह्नित करने के लिए फिर से होगा ड्रोन सर्वे
— नाले का अलाइमेंट और अतिक्रमण होंगे चिह्नित
— नाले के दोनों ओर अतिक्रमणों को जेडीए चिह्नित कर अवैध निर्माणों को करेगा ध्वस्त