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Mines Department: खान विभाग की 2410 करोड़ की राजस्व वसूली

राज्य के माइंस विभाग (Mines Department ) ने सितंबर माह तक रिकार्ड दो हजार चार सौ दस करोड़ रुपए का राजस्व संग्रहित ( record revenue ) किया है। माइंस पेट्रोलियम एवं ऊर्जा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि कोरोना जैसी विपरीत परिस्थितियों के बावजूद राजस्व संकलन का यह नया रेकार्ड है।

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राजस्थान के बांसवाडा में मैगनीज Mines की बंपर नीलामी, मिलेगी करोड़ों की राशि

राजस्थान के बांसवाडा में मैगनीज Mines की बंपर नीलामी, मिलेगी करोड़ों की राशि

जयपुर। राज्य के माइंस विभाग ने सितंबर माह तक रिकार्ड दो हजार चार सौ दस करोड़ रुपए का राजस्व संग्रहित किया है। माइंस पेट्रोलियम एवं ऊर्जा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि कोरोना जैसी विपरीत परिस्थितियों के बावजूद राजस्व संकलन का यह नया रेकार्ड है। उन्होंने बताया कि पिछले छह माह में अवैध खनन परिवहन और भण्डारण पर सख्त कार्यवाही करते हुए 4818 वाहन मशीनरी आदि जब्त करते हुए करीब 36 करोड़ रुपए की राशि वसूली गई है। इसमें करीब 21 करोड़ रुपए की राशि की वसूली अवैध बजरी खनन परिवहन और भण्डारण पर कार्यवाही करते हुए वसली गई है। अधिकारियों को रात्रिकालीन गश्त जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
एसीएस माइंस डॉ. अग्रवाल ने बताया कि लीज प्लॉट्स की नीलामी बजरी प्लॉट्स का आवंटन अवैध खनन परिवहन और भण्डारण पर सख्ती से राजस्व में रेकार्ड बढ़ोतरी संभव हो पाई है। उन्होंने बताया कि उच्च स्तर पर नियमित मोनेटरिंग के सकारात्मक परिणाम प्राप्त होने लगे हैं।
एसीएस माइंस डॉ. अग्रवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जून में विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान राजस्व बढ़ाने और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी कार्यवाही के निर्देश दिए थे। विभाग द्वारा खनिज खनन क्षेत्र को सरकार का प्रमुख राजस्व अर्जन विभाग बनाने के समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं। खान व गोपालन मंत्री प्रमोद जैन भाया ने संभाग स्तर पर बैठकें आयोजित कर विभाग को नई गति देने के प्रयास शुरु किए हैं। चालू वित्तीय वर्ष में ई रवनना में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी होते हुए ओसतन प्रतिमाह आठ लाख से अधिक रवन्ना जारी होने लगे हैं।
डॉ. अग्रवाल ने बताया कि सामान्य वर्ष 2019-20 के दौरान आलोच्य अवधि में 1935 करोड़ 46 लाख रुपए का राजस्व संग्रहित हुआ था, वहीं गत वर्ष 2020-21 में इसी अवधि में 1820 करोड़ 56 लाख रुपए की वसूली की गई। इस साल सितंबर तक गत वर्ष से 589 करोड़ और उससे पहले के साल से 474 करोड़ रुपए से अधिक का राजस्व वसूला गया है। अवैध खनन परिवहन और भण्डारण की इस वित्तीय वर्ष में 4744 प्रकरण दर्ज कर 407 एफआईआर दर्ज करवाई जा चुकी है। इस दौरान 4818 वाहन उपकरण और मशीन आदि की जब्ती कर 35 करोड़ 89 लाख रुपए वसूले जा चुके है। इसमें बजरी के अवैध खनन परिवहन पर की गई कार्यवाही शामिल है। बजरी का अवैध परिवहन करते हुए 321 एफआईआर दर्ज कराने के साथ ही 3084 वाहन जब्त कर 21 करोड़ 58 लाख रुपए वसूले गए हैं।
एसीएस डॉ. अग्रवाल ने बताया कि विभाग द्वारा अवैध खनन परिवहन और भण्डारण पर सख्ती से कार्यवाही जारी है। विभागीय अधिकारियों द्वारा रात्रिकालीन गश्त के दौरान प्रतिदिन राज्य भर में अवैध वाहनों की धरपकड़ जब्ती पुलिस में सुपुर्दगी जुर्माना वसूली और एफआईआर दर्ज कराने जैसी कार्यवाही के निर्देश दिए गए है। निदेशक माइंस केबी पण्डया ने बताया कि राजस्व संग्रहण के समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं। विभाग व राज्य सरकार स्तर पर नियमित समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि किसी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।