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3 साल की बजट घोषणाओं की कल समीक्षा करेंगे सीएम

तीनों साल में कुल 1685 बजट घोषणाएं, जिनमें से करीब 950 इस साल की

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ashok gehlot

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जयपुर। नियंत्रक महालेखापरीक्षक (सीएजी) की ताजा रिपोर्ट में बजट घोषणाएं अधूरी रहने पर टिप्पणी के बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सोमवार को पिछले तीन साल की बजट घोषणाओं की समीक्षा करेंगे। पिछले तीन साल में बजट के तहत करीब 1685 घोषणाएं की गई हैं। इस बैठक को राज्य सरकार के तीन साल के कार्यकाल की तैयारियों से भी जोडकर देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री गहलोत की अध्यक्षता में सोमवार को दोपहर 12 बजे सचिवालय के कांफ्रेंस हॉल में यह समीक्षा बैठक होगी। इसमें सभी विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव व सचिवों को बुलाया गया है। पहले मुख्यमंत्री ने मौजूदा वित्तीय वर्ष शुरू होने से पहले मार्च में अपने स्तर पर हर महीने बजट घोषणाओं की समीक्षा करने का संकेत दिया था, लेकिन कोरोना सहित अन्य कारणों से उसके बाद लगातार समीक्षा बैठक नहीं हो पाई। मार्च में समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव के स्तर पर हर 15 दिन और प्रमुख वित्त सचिव स्तर पर हर सप्ताह समीक्षा बैठक के लिए निर्देश भी दिए गए थे, लेकिन कोरोना के कारण यह शिड्यूल भी नियमित नहीं रहा।
20 की बैठक स्थगित
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में 20 अक्टूबर को सुबह 11 बजे सचिवालय स्थित कांफ्रेस हॉल में बजट घोषणाओं व जनघोषणाओं, फ्लेगशिप योजनाओं, जन अभाव अभियोग, जिला प्रभारियों की रिपोर्ट व केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं की समीक्षा के लिए बैठक बुलाई गई। आयोजना विभाग ने इसका एजेंडा भी जारी कर दिया था, लेकिन एजेंडा लंबा होने के कारण यह बैठक अब स्थगित हो गई है। उल्लेखनीय है कि जनघोषणाओं के क्रियान्वयन की रिपोर्ट कुछ समय पहले ही जारी हुई है। इस कारण अब पिछले तीन साल की बजट घोषणाओं की ही समीक्षा की जा रही है।

तीन साल की बजट घोषणाएं
— वित्तीय वर्ष 2021—22 के लिए 943 घोषणाएं
— वित्तीय वर्ष 2020—21 के लिए 363 घोषणाएं
— वित्तीय वर्ष 2019—20 के लिए 379 घोषणाएं
सीएजी ने की थी टिप्पणी
सीएजी ने वित्तीय वर्ष 2016—17 से 2019—20 तक की बजट घोषणाओं की समीक्षा की,जिसमें पाया कि 2019—20 में 165 योजनाओ के लिए आवंटित बजट का पूरा उपयोग ही नहीं हो पाया, जबकि संशोधित अनुमान में 33 योजनाओं का बजट प्रावधान ही वापस ले लिया गया। इसके अलावा 54 योजनाओं के लिए टोकन बजट ही जारी किया गया। सीएजी की रिपोर्ट के अनुसार कुछ बजट घोषणाएं तो 2015—16 की ही अब तक पूरी नहीं हुई हैं। इसमें 2015—16 से 2018—19 तक की 8 बजट घोषणाओं की प्रगति पर सवाल उठाते हुए कहा है कि इनमें देरी से जनता को योजनाओं का लाभ ही नहीं मिल पाया।