5 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

रोडवेज के कीमती परमिट पर परिवहन का निगाह

राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम की समीक्षा बैठक संपन्न हो गई। परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में इलेक्ट्रिक बस, घाटा कमेटी, पे कमीशन, फाइनेंस सहित कई मुददा छाया रहा।

2 min read
Google source verification
Rajasthan Roadways यात्रियों के लिए नाइट कर्फ़्यू में रहेगी छूट

ROADWAYS---- पहले तीन अब एक-एक माह में बदल रहे टाइम कीपर,Rajasthan Roadways यात्रियों के लिए नाइट कर्फ़्यू में रहेगी छूट,ROADWAYS---- पहले तीन अब एक-एक माह में बदल रहे टाइम कीपर

जयपुर। राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम की समीक्षा बैठक संपन्न हो गई। परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में इलेक्ट्रिक बस, घाटा कमेटी, पे कमीशन, फाइनेंस सहित कई मुददा छाया रहा। इस सबके बीच समीक्षा बैठक में राजस्थान रोडवेज की परमिट समर्पण यानी सरेंडर। एक महत्वपूर्ण मुददा बनकर उभरा। वह भी तब जब एक तरफ सरकार ही बसें खरीद नहीं रही है तो दूसरी तरफ वही सरकार कह रही रूट पर रोडवेज की बस नहीं चल रही है।

ऐसे में परमिट परिवहन विभाग का सौंप दो। परिवहन विभाग के आला अफसरों का अन्य सभी विषयों को छोड़कर इस समीक्षा बैठक में सबसे ज्यादा जोर इसी विषय पर रहा। राजस्थान रोडवेज के एक वरिष्ठ अधिकारी कहते हैं कि समस्या सरेंडर करने में नहीं बल्कि इसकी नियत में है। लोक परिवहन बसों को जिस तरह से बंदरबांट परमिट बांटा गया। वह किसी से छिपा नहीं हैं। एक बार फिर से परिवहन विभाग वही खेल करना चाहता है। निजी बसों को हाइवे पर इस तरह उतरने की अनुमति नहीं है लेकिन परमिट बंदरबांट करके मौन स्वीकृत दे दी गई है। एक ही बस को एक ही रूट पर तीन से अधिक परमिट जारी किए गए। वह धड़ल्ले से इसी को आधार बना हाइवे पर दौड़ रही हैं। पहले जयपुर से दौसा फिर दौसा से अलवर और फिर उसे को अलवर से दिल्ली का परमिट दे दिया गया। प्राइवेट बसों की लॉबी पहले ही ताकतवर है अब सरकार उन्हें मध्यप्रदेश की तरह माफिया बनने का रास्ता दिखा रही है।

48 इलेक्ट्रिक बस अनुबंध पर लेगा रोडवेज
राजस्थान रोडवेज में 48 इलेक्ट्रिक बसों को अनुबंध पर लेने की तैयारी शुरू हो गई है। इसमें से दस से अधिक बसें तो दिल्ली रूट पर दौड़ेगी लेकिन बाकी बसों का क्या होगा। यह बात समीक्षा बैठक में नहीं की गई है। इस बात के अलावा इन बसों से जो घाटा होगा उसकी भरपाई कौन करेगा। वह भी तब जब चार साल से डीलक्स डिपो घाटे की तरफ बढ़ रहा है। बैठक के बाद परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने बताया कि रोडवेज में गांव गांव तक बस सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 550 नई बसें सम्मिलित करने की प्रकिया जारी है। इसके अलावा घाटे से उबारने, एकमुश्त बकाया देने और बसअडडों का कायाकल्प करने के लिए निर्देश दिए हैं।