
Rajasthan Hospital : राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (आरजीएचएस) के तहत निजी अस्पतालों में उपचार कराने वाले उन मरीजों पर मार पड़ सकती है, जिनकी 15 दिन में एक ही जांच दोबारा कराई जाएगी। इसके के लिए संशोधित गाइडलाइन जारी की गई है। संशोधित गाइडलाइन में प्रावधान किया है कि राज्य सरकार के कर्मचारी और पेंशनर्स इस कैशलेस योजना में 15 दिन के भीतर एक ही जांच दो बार नहीं करवा सकेंगे। डॉक्टर के दोबारा जांच लिखने पर उन्हें नकद भुगतान देकर ही जांचें करानी होगी या सरकारी अस्पताल जाना होगा। योजना के तहत हैल्थ बेनीफिट एम्पॉवर्ड कमेटी की अनुशंसा पर निजी अस्पतालों में इनडोर और आउटडोर इलाज के लिए नई गाइडलाइन जारी की गई है।
महंगी दवाइयां और महंगे इम्पलांट की आपूर्ति चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत संचालित राजस्थान मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन (आरएमएससी) से ही किए जाने के निर्देश दिए गए है। अभी कॉरपोरेशन के जरिए निःशुल्क दवा योजना के लिए दवाइयों और जांच योजना के लिए आवश्यक सामग्रियों की खरीद की जाती है।
अब आरजीएचएस के अंतर्गत मरीजों की सुविधा बढ़ाते हुए एक दिन में एक से अधिक बार ओपीडी में दिखाने की सुविधा भी दी गई है। लेकिन यहां पहले वाली शर्त को बरकरार रखते हुए एक महीने में छह से अधिक ओपीडी परामर्श नहीं लेने की बाध्यता रखी गई है। पूर्ववर्ती सरकार के समय एक दिन में एक ही परामर्श की अनुमति थी।
निजी अस्पताल में उन मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा, जिन्हें किसी बीमारी के कारण 15 दिन से पहले दोबारा डॉक्टर के पास जाना होगा या जाचें करवानी होगी। कई बार डॉक्टर सात दिन की दवा लिखकर वापस रीपिट जांच लिखते हैं। इस निर्णय से ऐसे मरीजों को भी जांच के पैसे देने होंगे या सरकारी अस्पताल जाना होगा।
Updated on:
18 Jun 2024 08:51 am
Published on:
18 Jun 2024 08:51 am
