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कॉनफेड की राह पर आरजीएचएस, महीनों से भुगतान का इंतजार

पेंशनर्स और सरकारी कर्मचारियों की दवा आपूर्ति पर संकट

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जयपुर

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Vikas Jain

Oct 16, 2022

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विकास जैन

जयपुर। पहले कॉनफेड के माध्यम से सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स की दवाओं के लिए समय पर बजट उपलब्ध करवाने में नाकाम रही राज्य सरकार अब राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (आरजीएचएस) योजना में भी उसी राह पर चल पड़ी है। योजना के तहत पिछले कुछ माह से निजी दवा विक्रेताओं को भुगतान नहीं किया गया है, जिसके कारण अब दवा विक्रेता इस योजना को ही गलफांस मानने लगे हैं। इससे पेंशनर्स और सरकारी कार्मिकों को आसानी से दवा मिलने में भी संकट होने लगा है।

राजस्थान सरकार सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स की तनख्वाह से चिकित्सा सुविधा के बदले कुछ राशि की कटौती करती है। इस सुविधा के लिए आरजीएचएस योजना लागू की गई, जिसके तहत कार्मिकों और पेंशनर्स को निजी अस्पताल से चिकित्सा सेवाओं और निजी दुकानों से भी दवा लेने की सुविधा दी गई है। लेकिन समय पर भुगतान नहीं होने के कारण निजी दवा दुकानदार अब दवा देने से दूर हो रहे हैं।

व्यापारियों से सुरक्षा राशि, लाभार्थियों की तनख्वाह से कटौती

आरजीएचएस योजना को लेकर दवा व्यापारियों में रोष व्याप्त हो जा रहा है। योजना की शुरूआत में विक्रेताओं को एक महीने में भुगतान का दावा किया गया था। आरोप है कि कुछ विक्रेताओं को इस दौरान दो से तीन बार भुगतान कर दिया गया, जबकि बड़ी संख्या में व्यापारी भुगतान का इंतजार कर रहे हैं। जबकि इस योजना से जुड़ने के लिए निजी विक्रेताओं से एक लाख रुपए का डीडी पहले ही जमा करवाया जा चुका है। सरकारी कार्मिकों और पेंशनर्स की तनख्वाह में से भी इस सुविधा के लिए मासिक कटौती की जा रही है।

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मुख्यमंत्री की ड्रीम योजना है। समय पर भुगतान नहीं होने से व्यापारियों ही नहीं योजना के लाभार्थियों पेंशनर्स व सरकारी कार्मिकों को भी परेशानी हो रही है।

अजय अग्रवाल, प्रदेश प्रवक्ता, राजस्थान कैमिस्ट एसोसिएशन


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