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प्रदेशभर के चिकित्सकों की जयपुर में महारैली, RTH के विरोध में सडक़ों पर चिकित्सक

राइट टू हेल्थ बिल (Right to Health Bill) के विरोध में सोमवार को प्रदेश के विभिन्न भागों से आए डॉक्टर राजधानी जयपुर में जुटे और महारैली निकाली। डॉक्टर एसएमएस मेडिकल कॉलेज ग्राउंड में जुटे और वहां से सुबह तकरीबन 11बजे रैली की शुरुआत की, रैली सूचना केंद्र, महारानी कॉलेज,अशोक मार्ग हो हुए पांच बत्ती चौराहे पर पहुंची और वहां से अजमेरी गेट,न्यू गेट होते हुए दोपहर तकरीबन ढाई बजे के बाद रेजीडेंट डॉक्टर हॉस्टल पंहुची।

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जयपुर

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Rakhi Hajela

Mar 27, 2023

राइट टू हेल्थ बिल (Right to Health Bill) के विरोध में सोमवार को प्रदेश के विभिन्न भागों से आए डॉक्टर राजधानी जयपुर में जुटे और महारैली निकाली। डॉक्टर एसएमएस मेडिकल कॉलेज ग्राउंड में जुटे और वहां से सुबह तकरीबन 11बजे रैली की शुरुआत की, रैली सूचना केंद्र, महारानी कॉलेज,अशोक मार्ग हो हुए पांच बत्ती चौराहे पर पहुंची और वहां से अजमेरी गेट,न्यू गेट होते हुए दोपहर तकरीबन ढाई बजे के बाद रेजीडेंट डॉक्टर हॉस्टल पंहुची। महारैली के दौरान डॉक्टर्स ने अपने हाथ में राइट टू हेल्थ बिल को वापस लिए जाने की मांग करने का संदेश लिखे बैनर और पोस्टर पकड़ रखे थे।
चारों तरफ लगा जाम
सैकड़ों की संख्या में डॉक्टर्स इस महारैली में शामिल हुए,जिस ओर महारैली आगे बढ़ी, पूरा रास्ता जाम हो गया। सडक़ पर केवल डॉक्टर्स ही नजर आ रहे थे। खास बात यह रही कि महारैली में डॉक्टर अपने परिजनों और अस्पताल स्टाफ के साथ शामिल हुए। सुबह से लेकर शाम तक मेडिकल कॉलेज, जेएलएन रोड पर डॉक्टर्स ही नजर आते रहे।
मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल को दिया ज्ञापन
रैली के बाद हड़ताली चिकित्सकों का एक प्रतिनिधिमंडल एसएमएस मेडिकल कॉलेत के प्रिंसिपल डॉ. राजीव बगरहट्टा से मिलने उनके कक्ष में पहुंचा। जहां उनसे मांग की गई कि वह हड़ताल का समर्थन कर रहे रेजीडेंट और सरकारी डॉक्टर्स पर किसी प्रकार का दबाब नहीं बनाएं। प्रतिनिधिमंडल शामिल डॉ. विनोद कपूर का कहना था कि पूरे प्रदेश के चिकित्सक आंदोलन कर रहे हैंऔर ऐसी स्थिति में यदि हड़ताल में शामिल रेजीडेंट डॉक्टर्स या सरकारी चिकित्सकों पर दंडात्मक करवाई की गई तो आक्रोश और बढ़ेगा। उन्होंने रेजीडेंट डॉक्टर्स को भी आश्वासन दिया कि यदि आंदोलन का समर्थन कर रहे किसी भी डॉक्टर के खिलाफ सरकार किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही करती है तो सभी आंदोलनकारी उनके समर्थन में खड़े होंगे।
सरकार को दी चेतावनी
उन्होंने सरकार का भी चेतावनी दी कि आंदोलन लगातार बढ़ रहा है। सेवारत चिकित्सक संघ एवं मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन से लगातार वार्ता जारी है। और बहुत जल्द सरकारी सेवारत चिकित्सक व मेडिकल शिक्षक भी आंदोलन में शामिल होंगे। उन्होंने सरकार आगाह किया की यदि तुरंत प्रभाव से इस काले क़ानून को वापस नहीं लिया गया तो आक्रोशित चिकित्सक वर्ग को नियंत्रित करना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि आम जनता के हितों को ध्यान के रखते हुए उन्हें तुरंत प्रभाव से राइट टू हेल्थ बिल को वापस ले लेना चाहिए।
पुलिस कमिश्श्रर से की मुलाकात
इतना ही नहीं आंदोलन कर रहे डॉक्टर्स के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने जयपुर कमिश्नर आनंद श्रीवास्तव से भी मुलाकात की। प्रतिनिधि मंडल में डॉ. राजवेंद्र चौधरी, डॉ.सुनील गर्सा,डॉ. राजशेखर यादव, डॉ. कमल सैनी और डॉ संजीव गुप्ता शामिल रहे। इस दौरान मौके पर एसएमएस थानाधिकारी नवरत्न धोलिया भी मौजूद थे।
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