राइट टू हेल्थ बिल को लेकर सरकार और निजी चिकित्सकों के बीच चल रहा गतिरोध समाप्त होने का नाम ही नहीं ले रहा है। डॉक्टर और सरकार दोनों अड़े हुए हैं। जिसका नतीजा भुगत रही है आमजनता, ना निजी अस्पताल में इलाज मिल रहा है और ना ही सरकारी अस्पतालों में। कल देर रात एससी अखिल अरोडा के साथ चिकित्सकों के प्रतिनिधिमंडल की वार्ता हुई लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला संभावना है कि आज एक बार फिर एसीएस ने वार्ता हो सकती है, हालांकि चिकित्सकों का कहना है कि उन्हें बिल वापस लेने के कम कुछ नहीं चाहिए। इस गतिरोध के बीच निजी अस्पतालों ने सरकारी योजनाओं को डीएम्पेनेलमेंट करना शुरू कर दिया है, उनका कहना है कि अगले 24 घंटे में प्रदेश के सभी निजी अस्पताल सरकारी योजना से डीएम्पेनेलमेंट हो जाएंगे
सरकारी स्कीम बंद करने की मिली लिखित सहमति
तक़रीबन सभी अस्पतालों ने सरकारी स्कीम्स को बंद करने के लिए अपनी लिखित सहमति दे दी है। झुंझुनू,सीकर, अजमेर, बीकानेर, टोंक, अलवर,भीलवाडा, चूरू, बानसूर, चौंमू, कोटपूतली, पावटा, सिरोही के निजी अस्पतालों ने सरकारी योजना को डीएम्पेनेलमेंट करवाने की लिखित स्वीकृति दी है, जयपुर के 80 फीसदी और जोधपुर के 90फीसदी अस्पताल भी इसमें शामिल हैं।
आमरण अनशन पर बैठी महिला डॉक्टर की तबीयत बिगड़ी
वहीं दूसरी ओर बिल के विरोध में जेएमए सभागार में आमरण अनशन पर बैठी महिला डॉक्टर नीलम खंडेलवाल की तबीयत भी अब बिगड़ गई है। उनके शरीर में कीटोन की मात्रा बढ़ गई है साथ ही बीपी और वजन कम हो रहा है। हाइपोग्लाइसिमिया के कारण उनके स्वास्थ्य में गिरावट आ रही है । पुलिस प्रशासन द्वारा डॉ नीलम को एसएमएस अस्पताल भर्ती करने की सलाह दी
लेकिन डॉ नीलम ने कहा वे आख़िरी दम तक अनशन पर डंटी रहेगी। डॉ. नीलम खंडेलवाल ने कहा कि उन्होंने पहले आरटीएच बिल के विरोध में कोटा में 4 दिन आमरण अनशन किया था, लेकिन तब जबरन उन्हें घसीटते हुए ले जाया गया और ड्रिप चढ़ाकर अनशन तुड़वाया गया । यही वजह है कि अब जयपुर में आकर वो आमरण अनशन कर रही है । उन्होंने आरटीएच बिल को पूरी तरह डॉक्टर्स विरोधी और जनविरोधी बताते हुए कहा कि उसमें कोई संशोधन की गुंजाइश नहीं है. ये बिल पूरी तरह खत्म होना चाहिए इसके अतिरिक्त डॉ एन सी पूनिया, डॉ वी डी सिन्हा, डॉ माधो सिंह, डॉ नीरज शर्मा एवं डॉ पी एस कुमावत का क्रमिक अनशन भी जारी है उनके साथ आज दो अन्य डॉक्टर भी आमरण अनशन शुरू करने जा रहे हैंं।
आज बच्चों के साथ रैली निकालेंगे डॉक्टर
बिल के विरोध में आज डॉक्टर्स के साथ उनके बच्चे भी शामिल हो रहे है। आज जेएमए सभागार से त्रिमूर्ति सर्किल तक रैली निकाली जाएगी जिसमें उनके साथ बच्चे भी हाथों में बिल के खिलाफ बैनर पोस्टर लेकर शामिल होंगे।
जनजागरण अभियान जारी
वहीं निजी चिकित्सकों का राइट टू हेल्थ बिल को लेकर जनजागरण अभियान आज भी जारी है। डॉ कपूर ने बताया की प्रदेश के विभिन्न जिलो में जनजागरण अभियान कर हम आम जनता को इस बिल के कारण आम जनता को होने वाले नुक़सान के बारे के लोगो को जागरूक कर रहे है। उन्होंने कहा कि जनता को राहत देने के बजाय यह क़ानून उनकी परेशानियाँ बढ़ाएगा और प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को पूरी तरह बर्बाद कर देगा। नतीजा होगा कि आए दिन चिकित्सक और मरीज के बीच झगडे बढेंगे और दोनों ही प्रदेश के बाहर का रुख करने के लिए मजबूर होंगे।