जयपुर. बी-टू बाइपास से सटी जमीन पर रीको ने फिनटेक पार्क विकसित करने की तैयारी शुरू कर दी है। यहां 2400 से अधिक पेड़ों को काटने की तैयारी है। कुछ पेड़ों को काट भी दिया गया है। शहर के कुछ एनजीओ ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। लोगों का कहना है कि इससे हरियाली खत्म होने के साथ पक्षियों की कई प्रजातियों के अस्तित्व पर संकट आ जाएगा। इधर, रीको अधिकारियों का कहना है कि फिनटेक पार्क बनने से हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा। रीको ने टोंक रोड से सटे डोल का बाड़ की जमीन पर फिनटेक पार्क का काम शुरू कर दिया है। यहां मिट्टी को सतमल किया जा रहा है और प्लान के मुताबिक सड़क निर्माण व अन्य कार्य शुरू कर दिए गए हैं।
विरोध करने वाले कह रहे
-शहर के बीचों बीच ग्रीनरी है, पक्षियों की यहां अच्छी खासी संख्या है।-54 प्रकार की प्रजाति के 2400 से अधिक पेड़ हैं।
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विरोध पार्क का नहीं, हरियाली उजाड़ने का
फिनटेक पार्क का हम विरोध नहीं कर रहे हैं। उक्त जमीन पर ग्रीनरी है। यह ग्रीनरी शहर के लोगों के लिए जरूरी है। कई जगह रीको की जमीन है, वहां पर इस पार्क को विकसित किया जा सकता है।
-कविता श्रीवास्तव
विरोध जारी, रोका बुलडोजर
विनाश नहीं विकास चाहिए और रीको से डोल का बाड़ मुक्त करो के नारे के साथ शुक्रवार को लोगों का विरोध जारी रहा। लोगों ने न सिर्फ बुलडोजर को रोका, बल्कि जो नींव खोदी गई थी उसमें मिट्टी भर दी। करीब 50 से अधिक युवा और महिलाएं पिछले 11 दिन से विरोध कर रहे हैं। मौके पर पहुंची पूर्व विधायक विजय लक्ष्मी ने कहा कि किसी भी सूरत में पेड़ नहीं कटने देंगे। करौली के शांति और अहिंसा निदेशालय से भी सितारा बानो पहुंची। उन्होंने कहा कि पूरे शहर को वन क्षेत्र को बचाने के लिए जुटना चाहिए। सरकार जनता की आवाज सुने।
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यह जमीन कभी भी वन भूमि नहीं रही। रीको ने भूमि अवाप्त की थी। हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने भी अवाप्ति को सही बताया है। इसी जमीन पर फिनटेक पार्क बना रहे हैं।
-सुधीर कुमार शर्मा, प्रबंध निदेशक, रीको