
ऋषि पंचमी पर सप्त ऋषियों का पूजन, यज्ञोपवीत धारण
ऋषि पंचमी पर सप्त ऋषियों का पूजन, यज्ञोपवीत धारण
— शहर में कई जगहों पर हुए आयोजन
— किए दशविधि स्नान, पितृ तर्पण, यज्ञोपवीत धारण
— नहर के गणेशजी मंदिर में सप्तऋषि पूजन
जयपुर। भाद्रपद शुक्ल पंचमी (Bhadrapada Shukla Panchami) पर शनिवार को ऋषि पंचमी (Rishi Panchami) मनाई गई। शहर के मंदिरों में सप्त ऋषियों की पूजा की गई। कई स्थानों पर दशविधि स्नान, देव-मनु-पितृ तर्पण, नूतन यज्ञोपवीत धारण आदि के भी आयोजन हुए। कुछ जगहों पर सम्मान समारोह भी हुए।
श्रीखोले के हनुमान मंदिर में ऋषि पंचमी पर्व मनाया गया। यहां 11 बटुकों का यज्ञोपवित्र संस्कार करवाया गया। श्रीनरवर आश्रम सेवा समिति के महामंत्री बृजमोहन शर्मा ने बताया कि ऋषि पंचमी पर सुबह गुरुकुल में नए आए 11 शिष्यों का उपनयन संस्कार करवाया गया। उन्हें जनेऊ धारण करवाई। जलकुण्ड में ऋषि तर्पण किया गया। इसके बाद गायत्री माता के मंत्रों का जाप किया गया। दोपहर में हवन हुआ।
नहर के गणेशजी मंदिर में महंत जय शर्मा के सान्निध्य में सप्त ऋषियों का पूजन किया गया। हालांकि कोविड के चलते इसबार मंदिर में मेला नहीं भरा। इससे पहले गणेशजी महाराज के विशेष शृंगार कर नवीन पोशाक धारण करवाई गई।
गोविंददेवजी मंदिर में महंत अंजन कुमार गोस्वामी के सान्निध्य में ऋषि पंचमी मनाई गई। सप्त ऋषियों का आह्वान कर पूजन किया गया। इस मौके पर विद्वत सम्मान समारोह भी हुआ, जिसमें संत—महंतों के साथ विद्वानों का सम्मान किया गया। मंदिर में जनेउ भी बांटी गई।
ब्रह्मपुरी स्थित गायत्री शक्तिपीठ में सुबह सप्त ऋषियों की पूजा-अर्चना कर गायत्री यज्ञ किया गया। शक्तिपीठ के व्यवस्थापक रणवीर सिंह चौधरी ने बताया कि सभी चेतना केन्द्रों पर भी ऋषि पूजन और हवन हुआ।
गलता गेट स्थित कनक बिहारीजी मंदिर में महिलाओं ने साधु पूजन किया, इस दौरान हवन भी हुआ। महिलाओं ने ऋषि पंचमी का उद्यापन भी किया। उद्यापन करने वाली महिलाओं ने ऋषियों का पूजन कर कथा सुनी।
Published on:
11 Sept 2021 09:33 pm
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