
हम सभी जीवन में चीजों को दोहराते हैं और चाहते हैं कि परिणाम अलग हों। जो कि असल में पूरी तरह से गलत है। जीवन में कहीं न कहीं आपको जोखिम उठाना ही पड़ेगा, तभी आप सफलता प्राप्त कर पाएंगे या अपने जीवन को एक नई दिशा दे पाएंगे। रिस्क लेने का अर्थ खुद को निगेटिविटी की ओर ले जाना नहीं बल्कि नए अवसरों की तलाश करना है। यदि आप सही रणनीति बनाकर आगे बढ़ते हैं तो सफलता मिलना तय है।
इन पर करते हैं विचार: जोखिम लेते समय आप उन पहलुओं पर विचार करते हैं, जो इससे प्रभावित हो सकते हैं जैसे नौकरी छोडऩे से आपका परिवार, खुशियां, स्टेटस पर क्या प्रभाव होगा आदि।
परिवार को बताएं: पहलुओं पर विचार करना स्वाभाविक है और यह हर किसी के साथ होता है। भविष्य को बेहतर बनाने के लिए यदि जोखिम लेना जरूरी है तो परिवार को अपने निर्णय के बारे में बताकर आगे बढ़ें।
सहजता से समझें: अपने जीवन में जिस बड़े निर्णय की ओर बढ़ रहे हैं, उसे किसी दबाव में न लें। सहज तरीके से चीजों को समझें कि रिस्क सकारात्मक और नकारात्मक दोनों परिणामों से जुड़ा होता है।
अवसर के रूप में: कुछ जोखिम ऐसे होते हैं जिनके बदलें में आपको कुछ भी हासिल नहीं होता। लेकिन जोखिम लेने वाला एक आशावादी व्यक्ति विफलता को हमेशा सीखने के अवसर के रूप में देखता है। नए विचारों के साथ प्रयोग करने की इच्छा अपनी क्षमताओं को बढ़ाने की कुंजी है। रिस्क लेना आपको सिखाता है कि कैसे सोचें और योजना बनाएं। बस याद रखें कि अंधेरे के बाद ही उजाला होता है।
Published on:
04 Apr 2021 07:15 pm
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
