जयपुर। सोलो बाइक राइडर , एक्सीडेंट सर्वाइवर और रोड सेफ्टी एक्सपर्ट पूजा बजाज आईटी कार्निवाल में यूथ से रूबरू हुई और अपने अनुभव शेयर किए। उन्होंने अपनी साथ हुई दुर्घटना के बारे में बताते हुए कहा कि एक्सीडेंट के बाद जब उन्हें हॉस्पिटल ले जाया जा रहा था उस समय उन्होंने एक बाइक राइडर की अपनी सामने डेथ देखी, उस समय मुझे खुद लिए ताकत का अहसास हुआ।
उन्होंने बताया कि एक्सीडेंट के चार दिन बिना मेडिकल ट्रीटमेंट रहने के बाद उनका ऑपरेशन किया गया । उन्हें शोल्डर में आज भी न जाने कितने क्रू लगे हुए हैं डॉक्टर का कहना था कि ऐसा केस आज तक नही देखा उनका कहना था कि मुझे बाइक फिर से चलाने में कई साल लग जाएंगे। लेकिन मैं केवल 26दिन बाद फिर से बाइक चला रही थी और था संभव हुआ विल पावर से। उनका कहना था हमे खुद अपनी ताकत को पहचाने की जरूरत है। उनका कहना था कि जिंदगी में बुरे दिन आते हैं एक्सीडेंट होते हैं लेकिन यही हमें आगे बढ़ते रहने के लिए भी प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा कि जब हमारे अपने सिर पर पहाड़ गिरता है तभी हम उससे बचने के लिए हम अपनी शक्ति को पहचानते हैं। वहीं गर्ल पावर का संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि आज लड़की लड़के से कम नहीं है।
हेलमेट पहनने के लिए किया प्रेरित
पूजा ने इस दौरान यूथ को हेलमेट पहनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जब मैने देखा कि लोग इसे लेकर जागरूक नहीं है तो मैं रोड सेफ्टी एक्सपर्ट बन गई। उन्होंने बताया कि रोड सेफ्टी एक ऐसा फील्ड है जिसमे करियर ऑप्शन की भी कोई कमी नहीं है। उन्होंने युवाओं को इस फील्ड में करियर ऑप्शन की भी जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि आमतौर पर देखने में आता है कि लोग रोड एक्सीडेंट में घायल की मदद नही करते लेकिन क्या आप जानते हैं कि सरकार ऐसे लोगों की मदद करने वालों को 5हजार रूपये देती है।
जब उनसे पूछा गया कि उनके लिए बाइक चलाना कितना आसान रहा क्योंकि पैरेंट्स आमतौर पर गर्ल्स को इसके लिए आसानी से परमिशन नहीं देते तो उनका कहना था कि इसके लिए जरूरी होता है कि सबसे पहले हम अपने पैरेंट्स का दिल जीतें उनका भरोसा जीते और उसको बनाए भी रखे। अगर आप ऐसा करते हैं तो आप लाइफ में कुछ भी कर सकते हैं।