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रोमन काल के श्मशान और मकबरे की खोज, शोधकर्ताओं के लिए मुड़ी कीलें बनीं पहेली

तुर्की : मौत के बाद जलाकर संभवत: वहीं दफना दी जाती थीं अस्थियां

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जयपुर

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Aryan Sharma

Mar 15, 2023

रोमन काल के श्मशान और मकबरे की खोज, शोधकर्ताओं के लिए मुड़ी कीलें बनीं पहेली

रोमन काल के श्मशान और मकबरे की खोज, शोधकर्ताओं के लिए मुड़ी कीलें बनीं पहेली

अंकारा. दक्षिण-पश्चिमी तुर्की के पुरातत्त्व स्थल सगलासोस (Site of Sagalassos) में एक श्मशान और मकबरे की खोज की गई है। इसे 100-150 ईस्वी पुराना बताया गया है। खोज से जुड़े पुरातत्त्वविदों का मानना है कि रोमन काल के लोग जादू में भरोसा रखते थे। उन्हें डर रहता था कि मरे हुए लोग कहीं जिंदा न हो जाएं। इसलिए मरने के बाद लोगों को जलाकर श्मशान में ही दफना दिया जाता था।
खोज की अध्ययन रिपोर्ट जर्नल एंटीक्विटी में प्रकाशित हुई है। इसके मुताबिक, मकबरे से 41 मुड़ी हुई कीलें, 24 ईंटें और मकबरे को सील करने के लिए चूने के प्लास्टर की परत मिली है। एक वयस्क पुरुष के शव को उसी जगह जलाकर दफनाया गया था। रोमन काल में यह असामान्य प्रथा थी। रिपोर्ट के लेखक जोहान क्लेयस का कहना है कि शव के अवशेषों को तीन अलग-अलग तरीकों से दफनाया गया था। हड्डियों की जांच में पता चला कि इस व्यक्ति को किसी तरह की बीमारी नहीं थी।

जादू-टोने का शक
शोधकर्ता यह पता नहीं लगा पाए हैं कि मकबरे से जो कीलें मिली हैं, उनका क्या इस्तेमाल किया गया होगा। रोमन कब्रों में पहले भी इस तरह की कीलें मिली हैं। ये ताबूत या कब्र की बाकी चीजों का हिस्सा नहीं हैं। शोधकर्ताओं के मुताबिक संभव है कि ये जादू-टोने से जुड़ी हों।

क्या-क्या मिला
कब्र से एक बुनी हुई टोकरी, भोजन के अवशेष, एक सिक्का, चीनी मिट्टी और कांच के बर्तन भी मिले हैं। माना जा रहा है कि यह उस दौरान अपने प्रियजनों को विदाई देने का तरीका रहा होगा।