
Jaipur News : राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग ने रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने के मामले में उपभोक्ताओं को राहत दी है। उपभोक्ता अब 500 किलोवाट की जगह 1000 किलोवाट क्षमता तक के सोलर पैनल लगा सकेंगे और ऐसे उपभोक्तओं को नेट मीटिरिंग का फायदा मिलेगा। इसमें सबसे ज्यादा फायदा कॉमर्शियल उपभोक्ताओं को होगा।
आयोग ने सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य के तहत स्वप्रेरणा से ऐसे मामलों में सोलर पैनल लगाने की क्षमता दोगुनी करने के आदेश जारी किए हैं। इससे सामान्य उपभोक्ताओं के साथ एमएसएमई (सूक्षम, लघु एवं मध्यम उद्योग) को भी राहत मिली है।
उदाहरण के तौर पर... रूफटॉप सोलर प्लांट से हर माह 300 यूनिट बिजली उत्पादन होता है। जबकि, उपभोक्ता 360 यूनिट बिजली की खपत करता है तो उसका बिजली बिल 60 यूनिट के आधार पर ही बनेगा। यह प्रक्रिया नेट मीटरिंग है।
घरेलू श्रेणी में ग्रिड में गई अतिरिक्त बिजिली का भुगतान डिस्कॉम प्रति यूनिट की दर से करता है, जबकि अघरेलू व व्यवसायिक श्रेणी में प्लांट से बनी बिजली का उपयोग करने की अनिवार्यता है। इन्हें भुगतान नहीं दिया जाता।
Published on:
08 Feb 2024 08:08 am
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