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राजस्थान में गहरी हो रहीं वंशवाद की जड़ें

परिवारवाद: राजस्थान में कांग्रेस सबसे आगे, उसके बाद भाजपा का नंबर, अन्य दल भी पीछे नहींमौजूदा 33 विधायक सियासी परिवार से

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राजस्थान में गहरी हो रहीं वंशवाद की जड़ें

राजस्थान में गहरी हो रहीं वंशवाद की जड़ें

अरविन्द सिंह शक्तावत

जयपुर. राजस्थान में इन दिनों चुनावी माहौल के बीच लगातार भाजपा नेता वंशवाद की जड़ों पर प्रहार कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से लेकर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा और अन्य नेता वंशवाद को लेकर कांग्रेस सहित कई अन्य दलों को घेर रहे हैं। राजस्थान भी उन राज्यों में शामिल हैं, जहां वंशवाद की जड़ें बहुत गहरी हैं। ऐसा नहीं है कि सिर्फ कांग्रेस नेताओं के परिवारों से ही वंशवाद निकला है। भाजपा सहित कई अन्य दलों में भी इसकी जड़ें मजबूत हैं। मौजूदा 15वीं विधानसभा में 200 में से 33 विधायक वंशवाद-परिवारवाद से निकले हुए हैं। इस मामले में राजस्थान में कांग्रेस सबसे आगे हैं। अब तक के आंकड़ों के मुताबिक 61 प्रतिशत विधायक कांग्रेस से हैं, जबकि भाजपा में यह आंकड़ा करीब 23 प्रतिशत है। अन्य दलों और निर्दलीयों में इसका दखल करीब 16 प्रतिशत रहा है।

तीसरी विधानसभा से शुरू हुई वंशवाद की बेल

तीसरी विधानसभा ( 1962-67) में 176 विधायकों के सदन में 2 विधायक यानी करीब 1.13 प्रतिशत वंशवाद से निकले। इसके बाद यह आंकड़ा बढ़ता रहा और वर्तमान विधानसभा में 33 विधायक (16.5 प्रतिशत) वंशवाद की बेल से निकले हुए हैं। ये विधायक सियासी परिवार से हैं। विधानसभा के आज तक के इतिहास में वंशवाद की बेल सबसे ज्यादा मौजूदा विधानसभा में दिखाई दी है। 15वीं विधानसभा का जब गठन हुआ था, उस समय 12 प्रतिशत विधायक वंशवाद और परिवारवाद से निकल कर आए थे। इसके बार पांच साल में हुए उपचुनावों से यह प्रतिशत बारह से बढ़कर 16.5 प्रतिशत पर पहुंच गया।

परिवारवाद-वंशवाद से ये निकले विधायक
कांग्रेस- विनोद कुमार, प्रीति शक्तावत, भरत सिंह, जाहिदा, प्रशांत बैरवा, वीरेन्द्र सिंह, रोहित बोहरा, दिव्या मदेरणा, विश्वेन्द्र सिंह,सुरेश मोदी, दानिश अबरार, सचिन पायलट, लालचंद कटारिया, महेन्द्र विश्नोई,शांति धारीवाल, विजयपाल मिर्धा, चेतन सिंह चौधरी, बृजेन्द्र सिंह ओला, निर्मला सहरिया, मनोज मेघवाल, अनिल शर्मा, गायत्री देवी, सफिया जुबेर, रीटा चौधरी।

भाजपा- मंजीत सिंह, प्रताप सिंह सिंघवी, प्रताप लाल भील, रामस्वरूप लाम्बा, दीप्ति माहेश्वरी, कल्पना देवी

निर्दलीय- आलोक बेनीवाल, खुशवीर सिंह

अन्य दल- नारायण बेनीवाल