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RPSC में फर्जीवाड़ा : गोपनीय काम के नाम पर लेते हैं असीमित छुटटी सदस्य और अध्यक्ष

Rpsc Leak : राजस्थान लोक सेवा आयोग में एक नया घोटाला सामने आया है। छुटटियों के नाम पर यहां के सदस्यों और अध्यक्षों ने असीमित छुटटी और पूरी तनख्वाह ली है।

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Rpsc Leak : राजस्थान लोक सेवा आयोग में एक नया घोटाला सामने आया है। छुटटियों के नाम पर यहां के सदस्यों और अध्यक्षों ने असीमित छुटटी और पूरी तनख्वाह ली है। राजस्थान सरकार हो या फिर केंद्र सरकार। इनके किसी भी विभाग में छुटटियां सीमित होती हैं लेकिन आयोग में गोपनीय कार्य के नाम पर मनमर्जी से छुटटी ले जा सकती है। आयोग के सदस्य सरकार के नियमों के आधीन नहीं बंधे हुए हैं। यही वजह है कि इसका फायदा वह जमकर उठाते हैं।

आयोग के सदस्य संवैधानिक पद पर होते हैं। ऐसे में वह सरकार के अवकाश के नियमों में नहीं आते हैं। संवैधानिक संस्था होने से सरकार नहीं पूछती। इनकी नियुक्ति आदेश देने वाला राजभवन भी दखल नहीं देता है। नियमानुसार सरकारी अधिकारियों-कार्मिकों को 15 सीएल, 33 पीएल और 10 मेडिकल लीव लेने की सुविधा मिलती है। इनके अवकाश की अवधि समाप्त होने पर नियम के अनुसार वांछित जवाब-प्रमाण देने पड़ते हैं।

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एक नोटशीट और फिर छुटटी

आरपीएससी सदस्यों को छुट्टी लेने के लिए सिर्फ अध्यक्ष को नोटशीट भेजनी होती है। इसमें लिखा होता है ...गोपनीय या परीक्षात्मक कार्य के लिए मुख्यालय से बाहर जाना है। कृपया अवकाश (तिथि का ब्यौरा) स्वीकृत करें। सबसे बड़ी बात यह है कि जरूरत पड़ने पर कार और ड्राइवर भी साथ रहते हैं।

इनका कहना है...
आयोग संवैधानिक संस्था है। अध्यक्ष-सदस्यों के पद गरिमामय होते हैं। अवकाश में सरकारी नियम भले सीधे लागू नहीं होते पर संस्थागत उत्तरदायित्व हमेशा बना रहता है। सदस्यों को अध्यक्ष को पुख्ता सूचना देते हुए अवकाश लेने चाहिए।
डॉ. शिवसिंह राठौड़, पूर्व कार्यवाहक अध्यक्ष, आरपीएससी