
जयपुर। वित्त विभाग ने चुनाव आचार संहिता से एक दिन पहले हड़ताल कर्मचारियों के वेतन के मामले में ‘काम नहीं, तो वेतन नहीं’ का आदेश जारी किया और जब चुनावी माहौल गर्माने लगा है तो आचार संहिता के बीच यू टर्न ले लिया है। वित्त विभाग ने मंगलवार को स्पष्टीकरण जारी कर दिया कि यह आदेश पूर्व की गतिविधियों पर लागू नहीं होगा, भविष्य में लागू होगा।
वित्त विभाग के इस स्पष्टीकरण से कर्मचारियों को बोनस के अलावा दीपावली का एक और तोहफा मिल गया है। सितम्बर में सामूहिक अवकाश के जरिए हड़ताल पर जाने वाले कर्मचारियों का वेतन कटने का खतरा अब समाप्त हो गया है। ऐसे में हडताली कर्मचारियों का वेतन कट भी गया होगा तो वह वापस मिल जाएगा। दीपावली से पहले वेतन कटने का अंदेशा जताते हुए हाल ही इन हड़ताली कर्मचारियों ने नाराजगी जाहिर की थी।
स्पष्टीकरण की गली ने बचाया
‘काम नहीं, तो वेतन नहीं’ का आदेश वापस लेने के लिए प्रस्ताव निर्वाचन आयोग को भेजना पड़ता, इसलिए स्पष्टीकरण का यह रास्ता निकाला गया। इससे कर्मचारियों की नाराजगी भी टल गई और आगे से हड़ताल पर जाने वालों पर वेतन कटने की तलवार भी लटका दी गई है।
25 दिन तक लटकी रही तलवार
‘काम नहीं, तो वेतन नहीं’ का आदेश वित्त विभाग ने 5 अक्टूबर को जारी किया, जिस पर मंगलवार यानि 30 अक्टूबर को वित्त विभाग ने स्पष्टीकरण जारी कर दिया कि यह आदेश पहले की गतिविधियों पर लागू नहीं होगा।
Published on:
31 Oct 2018 08:27 am
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