19 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

राष्ट्रीय विचारधारा के कॉलेज शिक्षकों को टारगेट करना दुर्भाग्यपूर्ण-देवनानी

पूर्व शिक्षा मंत्री और विधायक वासुदेव देवनानी ने कहा कि प्रदेश में राष्ट्रीय विचारधारा से जुडे़ कॉलेज शिक्षकों को टारगेट करते हुए उनके दूर-दराज स्थानांतरण करना शर्मसार करने वाला ही नहीं, बल्कि प्रदेश के लिए बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है।

less than 1 minute read
Google source verification

जयपुर

image

Umesh Sharma

Jan 07, 2021

राष्ट्रीय विचारधारा के कॉलेज शिक्षकों को टारगेट करना दुर्भाग्यपूर्ण-देवनानी

राष्ट्रीय विचारधारा के कॉलेज शिक्षकों को टारगेट करना दुर्भाग्यपूर्ण-देवनानी

जयपुर।

पूर्व शिक्षा मंत्री और विधायक वासुदेव देवनानी ने कहा कि प्रदेश में राष्ट्रीय विचारधारा से जुडे़ कॉलेज शिक्षकों को टारगेट करते हुए उनके दूर-दराज स्थानांतरण करना शर्मसार करने वाला ही नहीं, बल्कि प्रदेश के लिए बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होने कहा कि संकुचित मानसिकता से पोषित कांग्रेस सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री ने आरएसएस विचार से जुड़े शिक्षकों को प्रताड़ित करने के उद्धेश्य से पांच से सात सौ किमी दूर स्थानान्तरण किए है। गहलोत सरकार द्वारा शिक्षा के मंदिरों में की गई स्थानान्तरण की राजनीति शर्मनाक है।

देवनानी ने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग में हाल ही में किए गए स्थानांतरण के दौरान कांग्रेस समर्थित शिक्षक गुट ने पहले तो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े शिक्षकों के नाम स्थानान्तरण सूची में होने का आरोप लगाकर सूची पर रोक लगवा दी तथा बाद में संशोधित सूची जारी कर राष्ट्रीय विचार वाले शिक्षक संगठनों से जुडे़ शिक्षकों को चुन-चुनकर निशाना बनाते हुए बहुत दूर स्थानान्तरित कर दिया गया।

देवनानी ने कहा कि विभिन्न कॉलेजो में ढाई हजार से ज्यादा पद खाली पड़े है, ऐसे में महाविद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था सुचारू करने के लिए क्षेत्रीय विधायकों की अनुशंषा पर जारी स्थानान्तरण सूची को एक शिक्षक गुट व अन्य राज्य मंत्री के दबाव में रद्ध कर दिया गया, जबकि वर्तमान में 90 प्रतिशत महाविद्यालयों में प्राचार्य नहीं है। कांग्रेस सरकार को स्थानान्तरण की राजनीति छोड़कर शैक्षिक व्यवस्थाओं पर ध्यान देना चाहिए। रिक्त पदों को भरने के साथ ही शिक्षकों की लम्बित पदौन्नतियां शीघ्र करानी चाहिए।