
जयपुर ।
राजस्थान में आरक्षण के विराेध में रविवार काे जयपुर के वैशाली नगर इलाके के आम्रपाली सर्किल पर संघ पदाधिकारी रघुवीर शरण आत्मदाह का प्रयास किया था। रघुवीर की हालत गंभीर हाेने के बाद उसे दिल्ली रैफर किया गया था। आरक्षण के मामले में सवर्ण और दलित के बीच बढ़ रही खाई से परेशान दवा व्यापारी रघुवीर शरण अग्रवाल (45) ने इलाज के दौरान सोमवार शाम को दम तोड़ दिया।
रविवार को भारत माता के नाम पत्र लिखकर रघुवीर ने सुबह पांच बजे जयपुर में वैशालीनगर के आम्रपाली सर्किल पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली। जिसके बाद रघुवीर ने दिल्ली में इलाज़ के दौरान दम तोड़ दिया। रघुवीर के इस कदम से कहीं शहर का माहौल खराब नहीं हो जाए। इसके लिए सवाईमानसिंह अस्पताल से इलाज के लिए एयर एम्बुलेंस से दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भेज दिया गया। जहां रघुवीर ने दम तोड़ दिया। रघुवीर शरण का शव मंगलवार शाम को जयपुर में टोंक रोड पर स्थित घर पर लाया गया। यहीं से उनकी शव यात्रा रवाना होगी।
गौरतलब है की, हाल ही में एससी—एसटी एक्ट में मामूली संशोधन होने से आरक्षण समर्थकों ने भारत बंद कर कई जगहों पर उपद्रव किया था। इन सब से परेशान होकर जयपुर के दवा व्यापारी रघुवीर शरण अग्रवाल ने भारत माता के नाम पत्र लिखकर ये बड़ा कदम उठा लिया और खुद पर पेट्रोल छिड़क आग लगा ली। रघुवीर शरण राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में क्षेत्रीय कार्यवाहक भी था।
जातीय वैमनस्यता के चलते किया आत्मदाह
रघुवीर ने खुद को आग लगाने से पहले भारत माता की जय, फिर आरक्षण हटाओ, देश बचाओ के नारे लगाते हुए खुद पर पेट्रोल डाला और सर्किल के एक किनारे पर आग लगा ली। लोगों ने रघुवीर शरण को जलते हुए देखा तो उसको बचाने दौड़े। एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल भी पहुंचाया गया लेकिन तब तक रघुवीर 80 फ़ीसदी झुलस चुके थे। पुलिस को रघुवीर ने जो बयान दिया उसमे भी उसने कहा कि जातीय वैमनस्यता को दूर करने का आग्रह किया।
Published on:
11 Apr 2018 01:21 pm
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