जयपुर. राइट टू हेल्थ बिल (Right To Health Bill) को लेकर सुलह नहीं होने से निजी चिकित्सक व सरकार के बीच गतिरोध बढ़ रहा है। जिससे गंभीर मरीजों की जान पर खतरा मंडरा रहा है। सबसे ज्यादा दिक्कत दूसरे चिकित्सकों से परामर्श(रेफरेंस) में आ रही है। इसके लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा हाल सवाई मानसिंह अस्पताल (SMS Hospital) और जेके लोन अस्पताल (JK Lone Hospital) में खराब है। इसकी वजह रेजिडेंट चिकित्सकोंं का संपूर्ण कार्य बहिष्कार बताया जा रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि हड़ताल से पहले रेफरेंस आने के आधे से एक घंटे के अंतराल में रेजिडेंट या विशेषज्ञ चिकित्सक मरीज को देख आते थे लेकिन अब ऐसा नहीं हो रहा। रेजिडेंट चिकित्सकों के नहीं होने से सीनियर चिकित्सकों को खुद के वार्ड, आइसीयू या ओपीडी छोड़कर जाने में समय लग रहा है। हालांकि इमरजेंसी स्थिति में सीनियर चिकित्सक जल्दी पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि रेफरेंस भी इमरजेंसी का ही हिस्सा है।
रूटीन सर्जरी के मरीज भटकने को मजबूर
-इधर, सरकारी अस्पतालों में रूटीन ऑपरेशन नहीं होने मरीज भटकने को मजबूर है। कारण कि केवल इमरजेंसी ऑपरेशन ही हो रहे हैं। एसएमएस अस्पताल व जेके लोन अस्पताल में रोजाना 150 से ज्यादा रूटीन ऑपरेशन प्रभावित हो रहे हैं।
डॉक्टर बोले, हड़ताल के बाद आना फिर करेंगे भर्ती
– बरेली निवासी एक महिला मरीज के बेटे ने बताया कि मां को गले में दिक्कत है। पंद्रह दिन पहले जांच कराई थी। रिपोर्ट के आने के बाद भर्ती के लिए कहा था, लेकिन ओपीडी में आकर डॉक्टर को दिखाया तो, उसने कहा कि हड़ताल के बाद आना।
चार घंटे बाद भी नहीं आए
-एसएमएस अस्पताल (Sawai Man Singh Hospital) के ऑन्कोलॉजी विभाग के वार्ड में भर्ती विराट नगर निवासी एक महिला मरीज के परिजनों ने बताया कि मरीज को पेट संबंधी भी दिक्कत है। इसके लिए डॉक्टर ने गेस्ट्रो में रेफरेंस भेजा लेकिन चार घंटे बाद भी कोई नहीं पहुंचा।
सीकर रवाना हुई मशाल रैली, बताएंगे नुकसान
– राइट टू हेल्थ बिल के विरोध में निजी चिकित्सकों ने जनजागरण अभियान शुरू कर दिया है। शुक्रवार को सुबह जेएमए हॉल से करीब ३०० चिकित्सक जयपुर से रवाना होकर सीकर पहुंचे। शनिवार को सीकर से एक यात्रा झुंझुनूं के लिए रवाना होगी। प्राइवेट हॉस्पिटल्स एण्ड नर्सिंग होम्स सोसायटी ने बयान जारी कर बताया कि यात्रा के दौरान लोगों को इस बिल के नुकसान के बारे में बताया जाएगा। शाम को जयपुर में यूनाइटेड मेडीकोज रैली का आयोजन होगाा। निजी चिकित्सकों ने कहा कि सरकार इस काले कानून को वापस लें।
इधर, ओपीडी मेे परेशान हो रहे मरीज
– सवाई मानसिंह अस्पताल, सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक, जेके लोन अस्पताल समेत अन्य सरकरी अस्पतालों की ओपीडी में शुक्रवार को भीड़भाड़ दिखी। मरीज लंबी कतारों में परेशान होते रहे। गंभीर मरीजों को भी चिकित्सक से परामर्श में इंतजार करना पड़ा। मरीज स्ट्रेचर, व्हीलचेयर पर परेशान होते दिखे।
रेजिडेंट चिकित्सकों की हड़ताल जारी, टीचर्स ने स्थगित किया कार्यबहिष्कार
-रेजिडेंट चिकित्सक शुक्रवार को भी ड्यूटी पर नहीं लौटे। जिसकी वजह से चिकित्सा व्यवस्था चरमराती दिखी। दूसरी ओर मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन ने दो घंटे के कार्य बहिष्कार को स्थगित कर दिया। राजस्थान मेडिकल कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. धनंजय अग्रवाल ने कहा कि सरकार को वक्त दिया है। अगर जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए तो, कार्य बहिष्कार फिर शुरू कर देेगे।