
Ravindra Singh Bhati : विधानसभा में अनुदान मांगों पर बहस के दौरान विधायक हरीश चौधरी ने बजट की तुलना ‘ठाकुर का कुआं’ कविता से की, जिस पर जमकर हंगामा हुआ। चौधरी ने कहा कि कवि ओमप्रकाश वाल्मीकि ने ‘ठाकुर का कुआं’ कविता के जरिए भेदभाव का दर्द बयां किया। वही दर्द इस बजट को पढ़कर महसूस हो रहा है। बार-बार ठाकुर शब्द उपयोग करने से भाजपा और निर्दलीय विधायकों ने विरोध किया। उन्होंने चौधरी पर जातिवाद फैलाने और एक वर्ग को आहत करने का आरोप लगाया। निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी और चौधरी के बीच नोकझोंक की स्थिति भी बनी।
सभापति संदीप शर्मा ने कहा कि जो सदन के अनुकूल नहीं होगा उसे कार्यवाही से निकाल दिया जाएगा। हरीश चौधरी ने यह कहते हुए विरोध किया कि यह आवाज पिछड़ों के लिए है। आप सब दबा नहीं सकते। भाजपा विधायक अमृतलाल मीणा व अन्य विधायकों ने हरीश चौधरी पर पलटवार करते हुए कहा कि ये रिफाइनरी खा गए। उस एरिया में जाकर देखें, किसी पर उंगली उठाने से क्या होता है। सब जानते हैं पूरे बाड़मेर को लूट लिया।
Published on:
19 Jul 2024 11:04 am
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