
अरविंद पालावत/जयपुर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के हत्थे चढ़े रूडसीको के अधिशाषी अभियंता कम रेजीडेंट मैनेजर लूणकरण कुम्हार ने परिवादी से जब घूस की रकम ली तो एक-एक नोटों की गड्डी को हाथ से गिना। लेकिन, आरोपी जल्दबाजी में नोटों को पहचान नहीं सका। सभी नोट की गड्डी पांच-पांच सौ रूपए की थी। जैसे ही परिवादी ने रूपए देने के बाद ईशारा किया तो एसीबी की टीम ने उसे धर दबोचा। गिरफ्तारी के बाद लूणकरण हड़बड़ा गया। उसे कुछ समझ नहीं आया कि आखिर क्या हुआ? बाद में उसने अधिकारियों को कहा कि 'मेरा कल होने वाला रिटायरमेंट तो आज ही कर दिया।'
बताया जा रहा है कि लूणकरण के परिजनों ने रिटायरमेंट को लेकर कई तैयारियां कर रखी थी। लेकिन वे सभी धरी रह गई। जिस दिन लूणकरण को रिटायर होकर गाजे-बाजे के साथ घर जाना था। ठीक उसी दिन आज शाम एसीबी की टीम उसे लेकर एसीबी कोर्ट क्रम एक में पहुंची और न्यायाधीश के समक्ष पेश किया। जहां से आरोपी को 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है। अब अगली पेशी 13 जुलाई को होगी।
एसीबी के अधिकारियों के मुताबिक कल देर रात तक ट्रेप की कार्रवाई के बाद आरोपी के घर की तलाशी ली गई। इस दौरान सात लाख रूपए की नकदी भी बरामद हुई है। एसीबी की पूछताछ में आरोपी इन रूपयों को लेकर भी संतोषजनक जवाब नहीं दे सका।
हाउसिंग बोर्ड था मूल विभाग
एसीबी के मुताबिक आरोपी लूणकरण का मूल विभाग हाउसिंग बोर्ड था। लेकिन, वह पिछले कई सालों से रूडसीको में डेपुटेशन पर आया हुआ था। यहां पर रूडसीको के अधिशाषी अभियंता कम रेजीडेंट मैनेजर के महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। गौरतलब है कि बुधवार की शाम एसीबी ने आरोपी लूणकरण को पांच लाख रूपए की रिश्वत लेते रंगें हाथों गिरफ्तार किया था। इसमें डेढ़ लाख रूपए असली थे। जबकि साढ़े तीन लाख रूपए के डमी नोट थे।
Updated on:
30 Jun 2022 06:43 pm
Published on:
30 Jun 2022 06:42 pm
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