
दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते सचिन पायलट
जयपुर। राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट ने भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दिए गए बयान पर हैरानी जताई है। साथ ही उन्होंने कहा कि अमेरिका ने किन शर्तों पर ऐसी घोषणा की है, यह बहुत बड़ा सवाल है। पायलट ने कहा कि अब पीओके को वापस लेने के प्रस्ताव को दोहराने का वक्त आ गया है।
राजधानी दिल्ली में 24 अकबर रोड स्थित कांग्रेस पार्टी कार्यालय में रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में सरहद के पास वाले क्षेत्रों में जिन भारतीय नागरिकों की जान गई है, मैं उन्हें कांग्रेस पार्टी की तरफ से श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। साथ ही मैं भारतीय सेना के पराक्रम और शौर्य को सलाम करता हूं। हमारी सेना ने एक बार फिर दिखाया है कि वह दुनिया के सर्वोत्तम सेनाओं में से एक है।
सचिन पायलट ने कहा कि पिछले 24 घंटों में पूरा घटनाक्रम बहुत तेजी से बदला है। हम सभी को आश्चर्य हुआ कि भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर की घोषणा अमेरिका के राष्ट्रपति ने की। यह शायद पहली बार हुआ है, जब सीजफायर की घोषणा सोशल मीडिया के ज़रिए अमेरिका के राष्ट्रपति करते हैं। उन्होंने जो अपने सोशल मीडिया पोस्ट पर लिखा है, हमें उस पर भी ध्यान देना चाहिए। भारत और पाकिस्तान के बीच जो मसला है, उसका अंतरराष्ट्रीयकरण करना बेहद आश्चर्यजनक है।
सचिन पायलट ने कहा कि हमारी पार्टी लंबे समय से विशेष संसद सत्र बुलाने की मांग कर रही है। साल 1994 में कांग्रेस सरकार ने पीओके को वापस लेने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित कराया था। अब समय आ गया है कि 1994 के प्रस्ताव को दोहराया जाएं। मोदी सरकार को हमारी मांग सुननी चाहिए और एक विशेष संसद सत्र बुलाकर चर्चा करनी चाहिए। इससे पूरी दुनिया में संदेश जाए कि आतंकवाद और पाकिस्तान के दुस्साहस के खिलाफ पूरा देश एकजुट है।
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पहलगाम में आतंकी हमले के बाद पूरे देश और विपक्ष समेत हर राजनीतिक दल से भारत सरकार को पूरा समर्थन मिला। हमने पहले दिन से ही साफ कहा था कि यह हमारी आत्मा पर हमला है और इसका मुंहतोड़ जवाब देना जरूरी है। सेना ने जो कदम उठाए, हमें उस पर गर्व है।
Updated on:
11 May 2025 05:37 pm
Published on:
11 May 2025 03:12 pm
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