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फ्यूल सरचार्ज बढ़ाकर सरकार ने कोढ़ में खाज का काम किया-राठौड़

उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने कोरोना काल में आर्थिक तंगी से जूझ रहे लोगों पर फ्यूल सरचार्ज लगाने की निंदा की है। राठौड़ ने कहा कि सरचार्ज के रूप में 28 पैसे प्रति यूनिट बिजली की दरों में बढ़ोतरी कर 1.52 करोड़ उपभोक्तओं पर सरकार ने अतिरिक्त भार डाल दिया है। यह बढ़ी हुई दरें कोढ़ में खाज का काम करेंगी।

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जयपुर

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Umesh Sharma

Jul 18, 2020

फ्यूल सरचार्ज बढ़ाकर सरकार ने कोढ़ में खाज का काम किया-राठौड़

फ्यूल सरचार्ज बढ़ाकर सरकार ने कोढ़ में खाज का काम किया-राठौड़

जयपुर।

उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने कोरोना काल में आर्थिक तंगी से जूझ रहे लोगों पर फ्यूल सरचार्ज लगाने की निंदा की है। राठौड़ ने कहा कि सरचार्ज के रूप में 28 पैसे प्रति यूनिट बिजली की दरों में बढ़ोतरी कर 1.52 करोड़ उपभोक्तओं पर सरकार ने अतिरिक्त भार डाल दिया है। यह बढ़ी हुई दरें कोढ़ में खाज का काम करेंगी।

राठौड़ ने कहा कि जनघोषणा पत्र के माध्यम से कांग्रेस सरकार ने विद्युत दरों में बढ़ोतरी नहीं करने के वायदे को को तोड़ा है। पूर्व में 6 फरवरी 2020 को विद्युत दरों में औसतन 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर प्रति यूनिट औसतन 70 पैसे की बढ़ोतरी की गई थी। अक्टूबर से दिसंबर 2019 की तिमाही में फ्यूल सरचार्ज के नाम पर 30 पैसे प्रति यूनिट की वसूली की जा रही थी। अब जनवरी से मार्च 2020 तक 58 पैसे यानि 28 पैसे की रिकॉर्ड बढ़ोतरी करने व इस दर को लगातार 2 तिमाही का एक साथ वसूल करने का आदेश देकर सामान्य उपभोक्ता पर 500 रु से लेकर 2 हजार रु प्रतिमाह तक का अतिरिक्त भार डालने का जनविरोधी काम सरकार ने किया है।

फिर भी 2 तिमाही का फ्यूल सरचार्ज एक साल वसूला

राठौड़ ने कहा कि नियामक आयोग विनिमय में फ्यूल सरचार्ज की वसूली एक तिमाही में ही करने का प्रावधान है, जबकि राज्य सरकार ने नियामक आयोग के नियमों को धता बताकर 1 करोड़ 52 लाख उपभोक्ताओं से 2 तिमाही के फ्यूल सरचार्ज की राशि एक साथ वसूल करने का नियम विरुद्ध कार्य किया। घरेलू उपभोक्ताओं की विद्युत दरों में देश में राजस्थान सर्वाधिक विद्युत दरों की दृष्टि से छठें स्थान पर है तथा राज्य सरकार की गलत नीतियों व प्रबंधन कार्यों के कारण विद्युत कंपनियों का घाटा 2017-18 में उदय योजना के कारण से 80 हजार करोड़ रुपए से घटकर 20 हजार करोड़ रुपए रह गया था जो अब एक लाख नौ हजार करोड़ रु हो गया है। राठौड़ ने मांग की है कि राज्य सरकार 4 माह के फिक्स चार्ज की राशि व बढ़े हुए फ्यूल चार्ज की राशि को वापस ले।

आत्मनिर्भर होने के बाद भी खरीदी बिजली

राठौड़ ने कहा कि राजस्थान के विद्युत उत्पादन में आत्मनिर्भर होने के बाद भी 18266.80 मिलियन यूनिट बिजली पिछले वर्ष औसतन क्रय की गई थी, जबकि राज्य का कुल उत्पादन प्रतिदिन लगभग 3 लाख यूनिट है व खपत 2 लाख 61 हजार यूनिट है। इसके पश्चात भी औसतन 4 रु 20 पैसे से लेकर 4 रु 40 पैसे तक प्रति यूनिट महंगी बिजली खरीदना कहीं न कहीं भ्रष्टाचार किए जाने का संशय पैदा करता है।