
जयपुर। भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय की ओर से पूर्व केंद्रीय मंत्री राजेश पायलट को लेकर दिए गए बयान पर सियासत गरमा गई है। सचिन पायलट और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अमित मालवीय के बयान की निंदा की है।
दरअसल अमित मालवीय ने ट्वीट करके कहा कि राजेश पायलट और सुरेश कलमाड़ी भारतीय वायु सेवा के उन विमान को उड़ा रहे थे, जिन्होंने 5 मार्च 1966 को मिजोरम की राजधानी आइजोल पर बम गिराए, बाद में दोनों कांग्रेस के टिकट पर सांसद और सरकार में मंत्री भी बने। स्पष्ट है कि नॉर्थ ईस्ट में अपने ही लोगों पर हवाई हमले करने वालों को इंदिरा गांधी ने बतौर इनाम राजनीति में जगह दी और सम्मान दिया।
मालवीय को पायलट का जवाब
वहीं अमित मालवीय के आरोपों को काल्पनिक बताते हुए सचिन पायलट ने भी पलटवार किया। साथ ही राजेश पायलट को दिए गए प्रमाण पत्र को ट्वीटर पर पोस्ट करते हुए लिखा कि राजेश पायलट 29 अक्टूबर 1966 को भारतीय वायु सेवा में कमीशन हुए थे यह कहना कि उन्होंने 5 मार्च 1966 में मिजोरम में बमबारी की थी। काल्पनिक और पूर्णतयाः भ्रामक है, हां 80 के दशक में एक राजनेता के रूप में मिजोरम में युद्ध विराम करवाने और स्थाई शांति संधि स्थापित करवाने में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका जरूर निभाई थी।
गहलोत भी की निंदा
इधर अमित मालवीय के इस बयान को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी उनकी निंदा की है। गहलोत ने कहा कि कांग्रेस नेता राजेश पायलट भारतीय वायु सेना के वीर पायलट थे उनका अपमान करके भाजपा भारतीय वायु सेना के बलिदान का अपमान कर रही है। इस बयान की पूरे देश को निंदा करनी चाहिए। गौरतलब है कि मणिपुर हिंसा को लेकर इन दिनों भाजपा- कांग्रेस के बीच बयानबाजी का दौर चल रहा है।
Published on:
16 Aug 2023 10:37 pm
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