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कर्ज में दबा किसान, खजाने में बंद राहत

कर्जमाफी 10 हजार करोड़ की, सरकार ने दिए केवल 5 हजार करोड़

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sad farmers waiting for relief

कर्ज का ब्याज सरकार करेगी वहन


जयपुर


राज्य कर्मचारियों के लिए सातवां वेतन आयोग का लाभ देने के बाद सरकार के खजाने की हालत वैसे ही खराब है। वहीं अब मुख्यमंत्री की बजट घोषणा के अनुरूप प्रदेश के 28 लाख किसानों की कर्जमाफी के लिए सरकार को 10 हजार करोड़ रुपए जुटाने में पसीना आ रहा है। लिहाजा सरकार ने कर्जमाफी के 10 हजार करोड़ के पेटे केवल 5 हजार करोड़ रुपए ही सहकारिता विभाग को स्वीकृत किए हैं। बाकी के 5 हजार करोड़ रुपए का कर्ज माफ करने के लिए सहकारिता विभाग को बैंकों से कर्जा लेना होगा।


28 लाख किसानों को मिलनी थी मदद
मुख्यमंत्री ने विधानसभा में प्रदेश के 28 लाख लघु और सीमांत किसानों का 50 हजार रुपए तक का कर्ज माफ करन की घोषणा की थी। लेकिन जब इस बजट घोषणा पर वित्त विभाग ने काम शुरू किया तो अफसरों की सांसे फूलना शुरू हो गया। 28 लाख किसानों के कर्ज का आंकलन किया तो यह आंकड़ा 10 हजार करोड़ रुपए तक पहुंचा। इस पर सरकार ने सहकारिता विभाग को खजाने की स्थिति को देखते हुए 5 हजार करोड़ रुपए ही स्वीकृत किए। वहीं बचे हुए 5 हजार करोड़ की व्यवस्था सहकारिता विभाग अपने स्तर पर करेगा।

बिजली कंपनियों को नहीं दिया कर्ज
जब मौजूदा सरकार ने कामकाज संभाला तो बिजली कंपनियों के 70 हजार करोड़ रुपए के घाटे को पाटने के लिए बैंकों से कर्जा लेना चाहा। लेकिन सरकार ?को किसी भी बैंक ने कर्ज नहीं दिया। आखिर सरकार ने बिजली कंपनियों के 70 हजार करोड़ रुपए के घाटे को अपने ऊपर लिया।

तीन महीने में माफ करेंगे ऋण
उधर, सहकारिता विभाग 15 मई से सभी जिलों में कर्जमाफी शिविर लगाने की तैयारी कर रहा है। शिविरों में मौके पर ही किसानों को कर्जमाफ के प्रमाण पत्र दिए जाएंगे। सहकारिता विभाग का दावा है कि आगामी तीन महीनों में सभी किसानों का कर्ज माफ कर उनको प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे।

जटिल है कर्ज लेने की प्रक्रिया
सरकार ने सहकारिता विभाग को कहा है कि किसानों की कर्जमाफी के बचे हुए 5 हजार करोड़ रुपयों की व्यवस्था करने के लिए कहा है। अब सहकारिता विभाग किसानों की कर्जमाफी के लिए बैंकों से कर्ज लेने की तैयारियां कर रहा है। लेकिन बैंकों से कर्ज लेने की प्रक्रिया बेहद जटिल है और बैंक कर्ज देने में पीछे हट सकते हैं। हालांकि सरकार ने सहकारिता विभाग से वादा किया है कि जो कर्ज बैंकों से लिया जाएगा उस कर्ज पर जो ब्याज आएगा उसे राज्य सरकार वहन करेगी।