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तकनीक के इस दौरन में भारत ने हर क्षेत्र में धाक कायम की हो लेकिन कुछ मामले अभी भी ऐसे हैं, जहां के हालात नहीं सुधरते। अमूमन बिजली के मामले में पिछले कुछ वर्षों में काफी बदलाव आया है, लेकिन व्यवस्था के स्तर पर इसकी हालत अब काफी खराब है। हर साल बिजली के करंट से हजारों लोग मारे जाते हैं। एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार 2011 से 2020 तक, बिजली के झटके के कारण लगभग 1.1 लाख लोगों की जान चली गई है। हर साल लगभग 11,000 मौतें होती हैं या हर दिन 30 मौतें होती हैं। ये तो वे आंकड़े हैं जो एनसीआरबी में रजिस्टर्ड हैं, लेकिन बिजली के करंट से होने वाली मौतों के हजारों ऐसे मामले काफी हैं जो कि कहीं दर्ज नहीं हैं। इलेक्ट्रिक शॉर्ट सर्किट की दुर्घटना होने की वजह से आगजनी से बड़े-बड़े शोरूम, फैक्ट्री, घरों व दुकानों में करोड़ों रुपए का नुकसान हो जाता है।
इसे रोकने के लिए जयपुर के युवा धर्मराज बोथरा ने एक ऐसी डिवाइस बनाई है, जो इन हादसों को रोकने में मददगार साबित हो सकती है। इस डिवाइस का नाम सेफआन पावर प्यूरिफाई है। एमएनआईटी के इनोवेशन एंड इन्क्युबेशन सेंटर, जयपुर के तकनीकी स्पोट से इस डिवाइस (उपकरण)को करीब नौ साल बाद आईपीआरडी (बौद्धिक संपदा अधिकार विभाग), भारत सरकार की ओर से पेटेंट मिला। इसके अलावा एमएनआईटी कॉलेज, जयपुर से टेस्टिड व अप्रूव्ड यह डिवाइस सेफ्टी प्रोफेशन्ल्स एसोसिएशन आफ इंडिया ने भी सर्टिफाई किया है। हर स्तर पर अपनी दक्षता में खरी उतरी इस डिवाइस के भारत में अच्छे परिणामों की बदौलत अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मांग बढ़ने लगी है।
सात समंदर पार भी बजेगा डंका
डिवाइस को ओमान, ईरान, दुबई, हॉलैंड व नीदरलैंड में पेटेंट करवाकर बेचा जाएगा। डिवाइस के गहन अध्ययन व टैक्नीकल सपोर्ट के लिए नीदरलैंड सरकार की संस्था-पम के सीनियर एक्सपर्ट पीटर आलिरुक जयपुर पहुंचे हैं। पुंटो के निदेशक धर्मराज बोथरा ने बताया कि डिवाइस का अपग्रेडेशन करने के साथ साइज व वजन को कम कर इसके लागत मूल्य को कम करके मध्यम वर्ग की पहुंच तक लाना मुख्य उदेश्य है।
75 वें अमृत महोत्सव में प्रदेश का एकमात्र स्टार्टअप
धर्मराज बोथरा ने बताया कि आजादी के अमृत महोत्सव के तहत देशभर के नवाचारी स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए केंद्र सरकार के डिपॉर्टमेंट आफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (डीएसटी) द्धारा देशभर के 75 स्टार्टअप्स का चयन किया गया। इसमें राजस्थान से एकमात्र कंपनी पुंटो के इस डिवाइस के बारे में जिक्र किया गया है।
सेफआन पावर प्यूरिफाई डिवाइस के फायदे
सेफआन पावर प्यूरिफाई डिवाइस को घर या फैक्ट्री के अंदर मीटर के आगे लगाते हैं। इस डिवाइस को लगाने के बाद घर पूरी तरीके से सुरक्षित रहता है। घर में कहीं भी शॉर्ट—सर्किट नहीं होता। साथ ही यह डिवाइस वोल्टेज को भी बैलेंस कर देता है, जिससे घर में मौजूद सभी इलेक्ट्रिक सामान कम या ज्यादा वोल्टेज होने से खराब नहीं होते। बड़े शोरूम और फैक्ट्रियों में भी इस डिवाइस को लगाया जा सकता है। यह डिवाइस घर या फैक्ट्री के किलोवाट लोड के हिसाब से लगाई जाती है।
कितने तरह की डिवाइस
सेफ आन पावर प्यूरिफाई डिवाइस के फिलहाल चार वेरिएंट-करंट के झटके, शॉर्ट सर्किट से बचाने, बिजली के फ्लेक्चुएशन को रोकने के लिए रिलेबेस स्टेबलाइजर व सर्वो सटेबलाइजर युक्त हैं। उन्होंने बताया कि आईआईटी, रूड़की से 1974 में ग्रेजुएट इंजिनियर आरके श्रीवास्तव के सुपरविजन में टैक्नीकल टीम आईओटी यानी इंटरनेट आफ थिंग्स पर रिसर्च कर रही है। यदि यह प्रयोग सफल रहा तो इस डिवाइस को इंटरनेट के जरिए आपरेट किया जा सकेगा।
बैठक में यह रहे मौजूद
प्रतिनिधि पुनीत रमन, एमएनआईटी इनोवेशन एंड इन्क्युबेशन सेंटर के डायरेक्टर व डीन एकेडमिक (अफेयर्स एंड आपरेशन) ज्योतिमर्य माथुर, सीनियर आपरेशन मैनेजर संजय गौड़, एसोसिएट डीन (इन्क्युबेशन) मोनिका शर्मा, पुंटो के डायरेक्टर अमित पारीक, कंपनी के प्रतिनिधि ऋषिराज सक्सेना, अंकुर कांडा व कर्नल राजकुमार अग्रवाल मौजूद रहे।
Published on:
20 Oct 2023 06:57 pm
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