
Import of Dry Fruit to India: इस साल सबकी सेहत बनाएंगे केसर, अखरोट और किशिमश
इस साल में त्योहारी सीजन में मेवे खरीदने में आपकी जेब नहीं कटने वाली है, क्योंकि इनकी किल्लत नहीं है। पिछले साल अफगानिस्तान में तालिबान संकट के कारण देश में मेवों की कमी हो गई थी। लेकिन इस बार वहां से और दूसरे देशों से जमकर आयात हो रहा है। इसलिए त्योहारों पर मेवों की आपूर्ति पिछले साल से ज्यादा रहने और उनके दाम भी पहले से कम रहने की उम्मीद है। आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए मेवों का खूब आयात हो रहा है। आपूर्ति अधिक होने से दामों में बढ़ने की आशंकाएं कम है। कारोबारियों का कहना है कि आपूर्ति अच्छी रहने के कारण इस साल त्योहारों पर मेवे 10 फीसदी और सस्ते बिक सकते हैं। अभी भाव पिछले साल के मुकाबले 5 से 10 फीसदी कम हैं। राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ के अध्यक्ष बाबूलाल गुप्ता ने बताया कि अफगानिस्तान से भारी मात्रा में केसर, अखरोट और किशिमश आते हैं। पिछले साल अफगानिस्तान में तालिबान के साथ जंग होने के कारण इनका आयात रुक गया था और त्योहारों पर मेवों की किल्लत हो गई थी। मगर इस बार ऐसा नहीं होगा, क्योंकि वहां का संकट सुलझ गया है और मेवों का आयात बढ़ गया है।
इतना हो रहा है आयात
अंजीर का आयात 357 टन, किशमिश 3818 टन, अखरोट 333 टन के करीब पहुंच गया है। अफगानिस्तान से पिछली तिमाही में 1426 फीसदी ज्यादा अखरोट आया है। काजू का आयात भी उपरोक्त तिमाही में करीब 30 फीसदी इजाफे के साथ 4.30 लाख टन पर पहुंच गया। हालांकि अप्रेल से जून के बीच बादाम और पिस्ता के आयात में गिरावट आई है। बादाम का आयात 42 फीसदी घटकर 1014 टन रहा।
Published on:
30 Aug 2022 12:30 pm
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