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धनु संक्रान्ति: बाघ पर सवार होकर सूर्यदेव करेंगे धनु राशि में प्रवेश

मार्गशीर्ष शुक्ल प्रतिपदा पर मंगलवार को को सूर्यदेव रात 9 बजकर 32 मिनट पर धनुराशि (Sagittarius Solstice) में प्रवेश करेंगे। इसके साथ ही खरमास यानी धनु मलमास (Dhanu Malmas) भी शुरू हो जाएगा। धनु मलमास में सभी तरह के मांगलिक कार्य, विवाह, यज्ञोपवित संस्कार आदि पर भी विराम लग जाएगा। हालांकि तीर्थ स्थल की यात्रा करने के लिए खरमास सबसे उत्तम मास माना गया है।

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धनु संक्रान्ति: बाघ पर सवार होकर सूर्यदेव करेंगे धनु राशि में प्रवेश

धनु संक्रान्ति: बाघ पर सवार होकर सूर्यदेव करेंगे धनु राशि में प्रवेश

धनु संक्रान्ति: बाघ पर सवार होकर सूर्यदेव करेंगे धनु राशि में प्रवेश
- धनु मलमास 15 दिसम्बर से शुरू
- सूर्यदेव रात 9.32 बजे करेंगे धनु राशि में प्रवेश

जयपुर। मार्गशीर्ष शुक्ल प्रतिपदा पर मंगलवार को को सूर्यदेव रात 9 बजकर 32 मिनट पर धनुराशि (Sagittarius Solstice) में प्रवेश करेंगे। इसके साथ ही खरमास यानी धनु मलमास (Dhanu Malmas) भी शुरू हो जाएगा। धनु मलमास में सभी तरह के मांगलिक कार्य, विवाह, यज्ञोपवित संस्कार आदि पर भी विराम लग जाएगा। हालांकि तीर्थ स्थल की यात्रा करने के लिए खरमास सबसे उत्तम मास माना गया है।

ज्योतिषाचार्य डाॅ. रवि शर्मा ने बताया कि धनु संक्रांति पुण्यकाल दोपहर 12 बजकर 32 मिनट से शुरू होगा, जो शाम 5 बजकर 32 मिनट तक रहेगा। इस दिन दिन घरों में सत्यनारायण भगवान की पूजा आदि की जाएगी। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने से पापों से मुक्ति मिलती है। धनु संक्रांति के दिन सूर्य देव की आराधना करनी चाहिए। धनु संक्रांति के दिन ओड़ीसा में भगवान जगन्नाथ की पूजा की जाती है, इस दिन भगवान जगन्नाथ को मीठाभात अर्पित किया जाता है।

ज्योतिषाचार्य रवि शर्मा ने बताया कि वारनाम महोदरी होने से आने वाले मास में असामाजिक तत्त्वों की ओर से आम जन को परेशान किया जायेगा। नक्षत्रनाम घोरा होने से इस माह सरकार की ओर से अल्पसंख्यक व आदिवासी वर्ग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही नई योजनाओं की स्वीकृति प्रदान की जाएगी। संक्रान्ति प्रवेश के समय बालव करण रहेगा। अतः संक्रान्ति का वाहन बाघ तथा उपवाहन घोड़ा बनेगा। भूतजाति की यह संक्रान्ति शरीर पर कुमकुम का लेप लगाकर, पीले रंग के वस्त्र एवं चमेली के पुष्प की माला धारण कर हाथ में गदा शस्त्र लेकर चांदी के बर्तन में खीर का भोजन करती हुई बैठी हुई स्थिति में तथा कुमारी अवस्था में रात्रि के द्वितीय प्रहर में प्रवेश कर रही है।
किस राशि पर क्या पड़ेगा प्रभाव
ज्योतिषाचार्य नरोत्तम पुजारी ने बताया कि कर्क, सिंह, तुला, कुंभ और मीन राशि के जताकों के लिए यह राशि परिवर्तन बहुत शुभ है। इस राशि परिवर्तन से कई राशियों को सकारात्मक परिणाम मिलेंगे।