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राजस्थान के विधायकों का नहीं बढेगा वेतन

वित्त विभाग की आपत्ति के बाद ठंडे बस्ते में गया विधेयकविधायकों का वेतन एक लाख रुपए करने का प्रस्ताव अटका, नहीं आ पाया विधेयक

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राजस्थान के विधायकों का नहीं बढेगा वेतन

राजस्थान के विधायकों का नहीं बढेगा वेतन

अरविन्द सिंह शक्तावत

जयपुर. प्रदेश के विधायकों के लिए अच्छी खबर नहीं है। वेतन बढ़ाए जाने की मांग का सपना राज्य सरकार ने पूरा नहीं किया है। विधायकों का वेतन बढ़ाने का प्रस्ताव विधानसभा ने राज्य सरकार को भेजा था, लेकिन वित्त विभाग की आपत्ति ने प्रस्ताव अटका दिया। इसलिए विधायकों के वेतन-भत्ते बढ़ाने का विधेयक विधानसभा के हाल में खत्म हुए सत्र में नहीं लाया जा सका।

विधानसभा ने विधायकों का वेतन 40 हजार रुपए से बढ़ाकर 1 लाख रुपए करने का प्रस्ताव तैयार किया था। प्रति किलोमीटर दस रुपए की जगह बीस रुपए यात्रा भत्ता देने का प्रस्ताव भी इसी में शामिल था। तीन माह पहले यह प्रस्ताव संसदीय कार्य विभाग से वित्त विभाग के पास चला गया। वित्त विभाग ने इस प्रस्ताव पर लिख दिया कि ‘ये बताया जाए कि अन्य राज्यों में वेतन कितना है।’ विधानसभा ने इसकी जानकारी अन्य राज्यों से जुटाई। सूत्रों के मुताबिक इस जानकारी में यह सामने आया कि ऐसा कर देने पर अन्य राज्यों के मुकाबले राजस्थान के विधायकों के वेतन-भत्ते बहुत अधिक हो जाएंगे। यह सूचना एकत्रित होने के बाद प्रस्ताव को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। विधायकों का वेतन बढ़ाया जाता है तो सरकार को सदन में संशोधन विधेयक लाना पड़ता है। अब सदन स्थगित हो चुका है।

पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े तो भत्ता बढ़ाने की मांग उठाई
विधायकों को प्रति किलोमीटर मिलने वाला दस रुपए का भत्ता करीब दस साल से नहीं बढ़ा है। विधायकों का कहना था कि पेट्रोल-डीजल की दरें जिस तरह से बढ़ी है। उसके बाद यह दस रुपए काफी कम है। इसलिए इसे 20 रुपए किया जाए। वेतन बढ़ाने के प्रस्ताव के साथ ही बना यह प्रस्ताव भी अटक गया।

इसी सरकार ने बढ़ाया था वेतन

वर्तमान कांग्रेस सरकार ने विधायकों के वेतन-भत्तों से जुड़ा एक संशोधन विधेयक सदन में पेश किया था। इसके बाद विधायकों का वेतन 25 हजार रुपए से बढ़कर 40 हजार रुपए हो गया था। अन्य भत्तों में भी इजाफा हुआ था।

वर्तमान में ये वेतन-भत्ते मिल रहे

वेतन: 40 हजार रु. प्रतिमाह

निर्वाचन क्षेत्र भत्ता : 70 हजार रुपए प्रतिमाह

किराया भत्ता : 50 हजार रुपए प्रतिमाह

टेलिफोन भत्ता : 2 हजार 500 रुपए प्रतिमाह

समिति की बैठक होने पर : प्रतिदिन 2 हजार रुपए