
पत्रिका ने जुटाए सबूत : केन्द्र ने नहीं राज्य सरकार ने गिराया सालासर मंदिर का प्रवेश द्वार, कांग्रेस का झूठ आया सामने
भवनेश गुप्ता / जयपुर। चूरू के सुजानगढ़-सालासर रोड पर बने सालासर मंदिर प्रवेश द्वार को तोड़ने (गिराने) का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इसके लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) पर ठीकरा फोडने वाले सरकार के विधायकों का झूठ भी सामने आ गया है। यह सड़क सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधीन है और मौके पर काम भी विभाग ही करवा रहा है। इसके लिए बीकानेर की अनुबंधित कंपनी को काम सौंपा गया है। गंभीर यह है कि पीडब्ल्यूडी के स्थानीय अभियंता यह स्वीकार कर चुके हैं।
इस मामले में अनुबंधित कंपनी ने जिला कलक्टर चूरू को पत्र भी लिखा है, जिसमें माना है कि सड़क चौडाई बढ़ाने के चलते प्रवेश द्वार हटाया गया। इसके बावजूद अब तक इस मामले में सरकार चुप्पी साधे है। जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई नहीं की जा रही। गौरतलब है कि सड़क की चौड़ाई बढ़ाने के नाम पर रात को प्रवेश द्वार गिरा दिया गया। इसी पर राम दरबार की प्रतिमा भी थी। इस मामले में कई संगठन राज्य सरकार के विरोध में आ गए हैं। मामला विधानसभा में भी गूंजा है।
कलक्टर को दिया पुनर्निर्माण का वचन
अनुबंधित कंपनी ने चूरू जिला कलक्टर को पत्र लिखा है। इसमें माना है कि बोबासर प्याऊ से सुजानगढ़ हिस्से के भी चौड़ाई दो से बढ़ाकर 4 लेन करनी है, इसलिए प्रवेश द्वार को हटाया गया। यहां सालासर धाम विकास समिति की ओर से स्वागत द्वार बनाया गया था। कंपनी ने सड़क चौड़ाई बढ़ाने के बाद स्वयं अपने खर्चे पर पुनर्निर्माण करने का वचन तक दे दिया।
एक्सईएन को दे दी थी जानकारी
पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता बाबूलाल वर्मा ने उच्च स्तर पर रिपोर्ट भेजी। इसमें साफ अंकित है कि उन्होंने प्रवेश द्वार हटाने की जानकारी अधिशासी अभियंता को दे दी थी। अनुबंधित कंपनी की ओर से स्वागत द्वार का पुनर्निर्माण करवाया जाएगा। द्वार पर मूर्तियों की आकृति बनी हुई थी। मसाले की मोटाई 20 से 30 एमएम थी, जिसे द्वार से अलग करके उतारना संभव नहीं हुआ।
एनएच रोड 3.5 किमी आगे से हो रही शुरू
सुजानगढ़-सालासर सड़क मार्ग पहले एनएच 65 का हिस्सा था। एनएचएआइ ने सालासर-नागौर परियोजना के सुजानगढ़ बाइपास निर्माण के बाद वर्ष 2019 में सार्वजनिक निर्माण विभाग को सौंप दिया था। प्रवेश द्वार एनएचएआइ की परियोजना से करीब 3.5 किलोमीटर दूर है।
हमारे अधीन नहीं सड़क मार्ग
जिस प्रवेश द्वार को तोड़ने की बात हो रही है, वह सड़क मार्ग एनएचएआइ के अधीन नहीं है। न ही हम यहां कोई सड़क सुधार या चौड़ाई बढ़ाने का काम कर रहे हैं।
-अजय आर्य, परियोजना निदेशक, एनएचएआइ
Published on:
21 Mar 2022 09:27 pm
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