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संवत 2079 के आखिरी सावे पर 1500 से अधिक शादियां, 15 मार्च से मीन मलमास शुरू

Malamas 2023 : होलाष्टक के बाद आज से फिर मांगलिक कार्य शुरू हो गए है। हस्त नक्षत्र के साथ 8 रेखीय सावा होने से शहर में आज शादियों की धूम रहेगी। संवत 2079 का यह आखिरी सावा होगा।

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संवत 2079 के आखिरी सावे पर 1500 से अधिक शादियां, 15 मार्च से मीन मलमास शुरू

संवत 2079 के आखिरी सावे पर 1500 से अधिक शादियां, 15 मार्च से मीन मलमास शुरू

जयपुर। होलाष्टक के बाद आज से फिर मांगलिक कार्य शुरू हो गए है। हस्त नक्षत्र के साथ 8 रेखीय सावा होने से शहर में आज शादियों की धूम रहेगी। संवत 2079 का यह आखिरी सावा होगा। ऐसे में शहर में हर सड़क पर बैंड—बाजा और बारात नजर आएंगे। विवाह आयोजन से जुड़े लोगों की मानें तो शहर में 1500 से अधिक शादियां हो रही है।

ज्योतिषाचार्य डॉ. रवि शर्मा ने बताया कि संवत 2079 का आखिरी सावा 9 मार्च को है। इसके बाद 15 मार्च को सूर्य देव सुबह 6.33 बजे मीन राशि में प्रवेश करेंगे, इसके साथ ही मीन मलमास शुरू हो जाएगा, ऐसे में फिर से मांगलिक कार्यों का विराम लग जाएगा। ऐसे में होलाष्टक के बाद एक बार फिर से मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाएगा। इस बीच 2 अप्रेल को पश्चिम में गुरु का तारा अस्त हो रहा है। गुरु 30 अप्रेल को पूर्व दिशा में उदय होंगे। इसके तीन दिन बाद तक बाल्यत्व दोष रहेगा। ऐसे में पहला पंचांगीय सावा 5 मई को शुरू होगा। इसके बाद ही शहनाइयां बजेंगी। हालांकि इस बीच अक्षय तृतीया सहित रामनवमीं व जानकी नवमी के अबूझ सावे भी रहेंगे।

प्रदेश में 18 हजार से अधिक शादियां
आॅल वेडिंग इंडस्ट्री फेडरेशन राजस्थान महामंत्री भवानी शंकर माली ने बताया कि हिन्दी कैलेंडर के अनुसार संवत का आखिरी आवा होने से आज जयपुर में ही 1500 से अधिक शादियां है, इसे लेकर विवाह स्थल, होटल, रिसोर्ट आदि बुक हो चुके है। प्रदेश में 18 हजार से अधिक शादियां हो रही है।

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अबूझ सावा
30 मार्च को रामनवमीं
22 अप्रेल को अक्षय तृतीया (आखा तीज)
29 अप्रेल जानकी नवमी
5 मई को पीपल पूर्णिमा
30 मई को गंगा दशमी