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केवल मेरा नाम घसीटने के लिए संजीवनी का नाम लेते हैं सीएम गहलोत-शेखावत

संजीवनी प्रकरण को लेकर केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि साढ़े चार साल में इस प्रकरण की जांच न तो राज्य की एसओजी ने पूरी की और न ही इसे सीबीआई को सौंपा जा रहा।

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जयपुर

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Umesh Sharma

Sep 01, 2023

केवल मेरा नाम घसीटने के लिए संजीवनी का नाम लेते हैं सीएम गहलोत-शेखावत

केवल मेरा नाम घसीटने के लिए संजीवनी का नाम लेते हैं सीएम गहलोत-शेखावत

जयपुर। संजीवनी प्रकरण को लेकर केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि साढ़े चार साल में इस प्रकरण की जांच न तो राज्य की एसओजी ने पूरी की और न ही इसे सीबीआई को सौंपा जा रहा। मुख्यमंत्री गहलोत इस मामले में राजनीति करते हुए केवल जांच को भटकाने का काम कर रहे हैं।

शेखावत ने कहा कि आदर्श और संजीवनी सहित करीब 14 क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियां ऐसी हैं, जिन्होंने करोड़ों रुपए निवेशकों के ठगे हैं। आदर्श सोसायटी ने तो उससे भी ज्यादा बड़ा घोटाला किया है, लेकिन मुख्यमंत्री उसका जिक्र नहीं करते। केवल मेरा नाम घसीटने के लिए संजीवनी का नाम लेते हैं। उन्होंने कहा कि संजीवनी घोटाला राजस्थान में हुआ है, इसलिए जांच राजस्थान सरकार को ही करनी चाहिए। एसओजी साढ़े चार साल बाद भी जांच ही कर रही है। उनका वकील कोर्ट में कहता है कि उनका (शेखावत) किसी एफआईआर और चार्जशीट में नाम नहीं है। अब वकील के ऊपर आरोप लगाने का वीडियो भी सबसे सामने है। मुख्यमंत्री चाहते क्या हैं ? जहां जांच करनी चाहिए, वहां जांच से पीछे हटते हैं।

सोसायटियों को बचाने का काम कर रहे हैं गहलोत

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि मेरा स्पष्ट आरोप है कि जांच को डिरेल करने का काम मुख्यमंत्री कर रहे हैं। इन सोसायटियों को बचाने का षड्यंत्र गहलोत सरकार कर रही है। शेखावत ने कहा कि आज सहारा के निवेशकों को पैसा मिल रहा है। संसद में यह कानून ही इसलिए पारित हुआ है कि निवेशकों का मूलधन प्राथमिकता के साथ लौटाएं, लेकिन इस प्रक्रिया में अवरोध पैदा किया जा रहा है। गुजरात और मध्यप्रदेश ने संजीवनी का प्रकरण सीबीआई को सौंप दिया, लेकिन राजस्थान सरकार को क्या मोह है कि वे जांच सीबीआई को क्यों नहीं सौंपना चाहते ?

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जल जीवन मिशन में घोटाला

शेखावत ने कहा कि जल जीवन मिशन में करोड़ों रुपए के घोटाले हो रहे हैं। मिशन डायरेक्टर और मेरी स्वयं की ओर से कई बार पत्र लिखकर इन घोटालों पर कार्रवाई करने के लिए कहा गया था। इस बीच एक ठेकेदार केन्द्र की एक संस्था का फर्जी लेटर हेड यूज करते हुए पाया गया। चूंकि, यह योजना केन्द्र पोषित है, इसलिए इसमें ईडी की कार्रवाई हो रही है। अब यह पता लगाया जाना चाहिए कि इस ठेकेदार के राज्य सरकार के मंत्री के साथ क्या संबंध हैं?

बार-बार चुनाव से बढ़ते हैं खर्च

एक राष्ट्र-एक चुनाव की चर्चाओं पर शेखावत ने कहा कि इस बारे में पहले भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपनी राय व्यक्त कर चुके हैं। देश में बार-बार चुनाव होने से समय बर्बाद होता है। धन की बेतहाशा बर्बादी होती है। इसलिए आदर्श स्थिति देश में यह हो सकती है, ऐसा पीएम मोदी ने कहा था। भाजपा ने इस विषय में पहले के तीन चुनाव घोषणा पत्रों में संकेत किया है। हालांकि, अभी इस बारे में कोई निर्णय नहीं हुआ है, लेकिन एक राष्ट्र-एक चुनाव एक आदर्श स्थिति है और हमें इस दिशा में बढ़ना चाहिए। इसके लिए एक वातावरण निर्माण करने की जरूरत है।