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Sanskrit University- प्री शिक्षा शास्त्री टेस्ट के लिए आवेदन 2 नवंबर से , कला संकाय के विद्यार्थी भी कर सकेंगे आवेदन

जगद्गुरु रामानंदाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय ने प्री.शिक्षाशास्त्री, प्री.शास्त्री.शिक्षाशास्त्री चार वर्षीय और प्री.शिक्षाचार्य के लिए प्रवेश कार्यक्रम घोषित कर दिया है।

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जयपुर

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Rakhi Hajela

Oct 20, 2022

Sanskrit University- प्री शिक्षा शास्त्री टेस्ट के लिए आवेदन 2 नवंबर से , कला संकाय के विद्यार्थी भी कर सकेंगे आवेदन

Sanskrit University- प्री शिक्षा शास्त्री टेस्ट के लिए आवेदन 2 नवंबर से , कला संकाय के विद्यार्थी भी कर सकेंगे आवेदन


जयपुर। जगद्गुरु रामानंदाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय ने प्री.शिक्षाशास्त्री, प्री.शास्त्री.शिक्षाशास्त्री चार वर्षीय और प्री.शिक्षाचार्य के लिए प्रवेश कार्यक्रम घोषित कर दिया है। कुलसचिव दुर्गेश राजोरिया ने बताया कि विश्वविद्यालय से सम्बद्ध 76 शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालयों में सत्र 2022-23 में द्विवर्षीय शिक्षाशास्त्री बीएड,चारवर्षीय इंटीग्रेटेड शास्त्री.शिक्षाशास्त्री बीए/बीएड एवं शिक्षाचार्य एमएड पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु राज्य सरकार एवं राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद के नियमानुसार प्रवेश परीक्षा होगी। शिक्षा शास्त्री की 8500 सीटों पर प्रवेश के लिए अभ्यर्थी 2 नवंबर से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। राजोरिया ने बताया कि इस शैक्षणिक वर्ष से द्विवर्षीय शिक्षाशास्त्री पाठ्यक्रम में कला संकाय के किसी भी विषय में स्नातक अभ्यर्थी आवेदन कर सकेंगे। चारवर्षीय इंटीग्रेटेड शास्त्री.शिक्षाशास्त्री बीए/बीएड में सीनियर और वरिष्ठ उपाध्याय उत्तीर्ण अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। आवेदन पत्र विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर 02 नवंबर से उपलब्ध होगा।

शोध छात्र की दुर्घटना में मृत्यु
परिजनों को कुलपति ने प्रदान की पीएचडी की उपाधि
जयपुर। राजस्थान विश्वविद्यालय के कुलपति सचिवालय में कुलपति प्रोफेसर डॉ राजीव जैन ने शोध छात्र बजरंग लाल मोरवाल की दुर्घटना में हुई असामयिक मृत्यु के बाद उनकी पीएचडी की उपाधि उनके पिता और परिजनों को प्रदान की ।इस अवसर पर उनकी शोध निदेशिका डॉ अमिता वर्मा,सह आचार्य एराजनीति विज्ञान विभाग, सेठ आर एल सहरिया राजकीय पी जी महाविद्यालय कालाडेरा भी उपस्थित थीं ।
डॉ. बजरंग लाल मोरवाल के शोध का विषय भारत ब्राजील सम्बन्ध- उदीयमान परिपेक्ष्य 1992 से वर्तमान तक द्विपक्षीय सम्बन्धों का अध्ययन है । मरणोपरांत छात्र के परिजनों को सम्मानजक तरीके से डिग्री प्रदान करने पर छात्र के परिजनों ने विश्विद्यालय के कुलपति का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे हम जैसे परिवारों को अपने बेटे की उपलब्धि पर गर्व महसूस हो रहा है ।