
जयपुर के करीब फिर नजर आया एसटी-24, ट्रैप कैमरे में तस्वीर हुई कैद
जयपुर। सरिस्का बाघ परियोजना क्षेत्र के बफर जोन अजबगढ़ रेंज से जमवारामगढ़ वन्यजीव अभयारण्य क्षेत्र में आए बाघ एसटी-24 को यह जंगल रास आ रहा है। एक महीने के करीब एसटी-24 यहां रह रहा है। सोमवार रात एसटी-24 की तस्वीर कैमरा ट्रैप में कैद हुई है। इसके बाद वन विभाग ने भी राहत की सांस ली है। सरिस्का के फ़ील्ड डायरेक्टर आरएन मीना और डीसीएफ डीपी जागावत लगातार ट्रैकिंग टीम के सम्पर्क में हैं।
जानकारी के अनुसार एसटी—24 गत 25 अगस्त को सरिस्का से जमवारामगढ़ वन्यक्षेत्र में आ गया था। रविवार को बाघ एसटी-24 जंगल में सांऊ व पापड़ इलाक़े के कुंडयाल गहरे नालों में ट्रैक हुआ है। पिछले दस दिन से बाघ के नहीं मिलने से वन विभाग के अधिकारियों एवं स्टाफ की चिन्ता बढ़ गई थी। वहीं सोमवार रात एसटी-24 जमवारामगढ़ के झोल नाके के मंगल बाबा वाटर पॉइंट पर लगे कैमरे में ट्रैप हुई। यहां वह काफी देर तक रहा। कैमरे की तस्वीर को देखकर वन विभाग ने ली राहत की सांस।
पहली बार कैमरो ट्रैप में स्पॉट
टाइगर के पगमार्क आखिरी बार 7 सितम्बर को रायसर रेंज के बामनवाटी वनखंड में खरड़ गांव के पास मिले थे। इसके बाद रायसर रेंज की टीम रोज कैमरे व पगमार्क तलाश रही थी। लेकिन पगमार्क भी नहीं मिले तो बाघ ट्रेप कैमरे में भी स्पॉट नहीं हुआ। यह पहली बार है जब एसटी-24 कैमरा ट्रैप में स्पॉट हुआ है। रेंज जमवारामगढ़ की सांऊ, पापड, झोल, चूलीबावडी व रामगढ़ बांध से सटे जंगल में पहले भी बाघ 24 अगस्त से 6 सितम्बर तक सात बार ट्रैक हुआ था।
फीमेल के लिए भटक रहा
उधर, टाइगर तीन वर्ष का होने वाला है। जो मेटिंग के लिए सही उम्र है। वन्यजीव विशेषज्ञों ने बताया कि अक्टूबर में बाघ मेंटिग का पीरियड आता है। ऐसे में जवान हो चुके बाघ एसटी-24 को मेङ्क्षटग के लिए फीमेल बाघ की तलाश है।
Published on:
20 Sept 2022 02:44 pm
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