जयपुर। शिजोफ्रेनिया डे पर गौतम हॉस्पिटल रिसर्च सेंटर, मेंटल हेल्थ फाउंडेशन एवं रिसर्च एजुकेशन एंड सर्विस ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में लघु फिल्म “भ्रमजाल” का प्रदर्शन किया गया। वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ. शिव गौतम ने बताया कि यह बीमारी मनुष्य के विचार, अनुभूति एवं व्यवहार पर गंभीर असर करती है। व्यक्ति का वास्तविक एवं काल्पनिक अनुभव के बीच फर्क करना कठिन हो जाता है।
डॉ. अनीता गौतम ने बताया कि 100 व्यक्तियों में से एक व्यक्ति को बीमारी हो होती है। लक्षणों की बात करें तो व्यक्ति को काल्पनिक आवाज व चीजें दिखाई देती है। वह क्रोधित, उत्तेजित एवं भयभीत रहता है। घर से बाहर निकलना, हिंसक होना, अजीब हरकतें करना, मन ही मन बात करना, इशारे करने लगता है। ऐसे लक्षण आपको परिजन या आसपास किसी व्यक्ति में दिखाई दे तो तुरंत मनोचिकित्सक को दिखाना चाहिए।
हॉस्पिटल की सीईओ राजयश्री गौतम ने स्वयं निर्मित निर्देशित लघु फिल्म ‘भ्रम जाल’ के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि यह सच्ची घटनाओं पर आधारित है। इसमें दिखाया गया है कि तांत्रिकों के चक्कर में कैसे परिजन अपने मरीज का और नुकसान करते हैं। इसके लिए जागरूक होना जरूरी है। मरीज को उचित उपचार मिलने पर ठीक होकर समाज की मुख्यधारा में आ जाता है। इस दौरान शहर के विभिन्न कॉलेजों के करीब 85 छात्र उपस्थित रहे।