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अनलॉक 1 में स्कूलों के मैसेजों ने बढ़ाई अभिभावकों की परेशानी

लॉकडाउन के बाद अनलॉक वन शुरू होते हुए जहां व्यवस्थाएं फिर से पटरी पर आने लगी हैं, वहीं इसी बीच अभिभावकों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।

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school messages increased parents' problems

अनलॉक 1 में स्कूलों के मैसेजों ने बढ़ाई अभिभावकों की परेशानी

जयपुर
Private schools : लॉकडाउन के बाद अनलॉक वन शुरू होते हुए जहां व्यवस्थाएं फिर से पटरी पर आने लगी हैं, वहीं इसी बीच अभिभावकों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। कई प्राइवेट स्कूल ( private schools ) अभिभावकों को मैसेज भेज, कॉल करके लॉकडाउन की अवधि की फीस मांगने के साथ ही ऑनलाइन क्लासेज, एडमिशन समेत अन्य की फीस मांग रहे हैं। प्राइवेट स्कूलों की इस मांग ने उन अभिभावकों की परेशानी बढ़ा दी है, जिनकी कामकाजों पर लॉकडाउन के चलते विपरीत असर पड़ा है और आमदनी घट गई है। इन कमजोर आर्थिक स्थितियों में प्राइवेल स्कूल फीस में बिना कोई रियायत दिए अभिभावकों से फीस जमा करवाने के लिए कह रहे हैं।

इन स्थितियों के बीच पेरेंट्स वेलफेयर सोसायटी ( Parents Welfare Society ) ने राज्य सरकार से मांग की है कि वो निजी स्कूलों पर नियंत्रण लगाते हुए नो स्कूल, नो फीस के आदेश जारी करवाए। सोसायटी के अध्यक्ष दिनेश कांवट का कहना है कि लॉकडाउन में राज्य सरकार ने स्कूलों के लिए निर्देश दिए थे कि तीन महीने तक फीस नहीं ली जाए और न ही नाम काटा जाए। लेकिन अब स्कूल आॅनलाइन क्लास के नाम पर फीस मांग रहे हैं जबकि बच्चों की पढ़ाई ठीक से नहीं हो पा रही है। सोसायटी ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि जब तक बच्चे स्कूल नहीं जाते, स्कूल खुल नहीं जाते हैं तब तक अभिभावकों से कोई फीस नहीं ली जाए। स्कूलों को पाबंद किया जाए कि वो फीस नहीं बढ़ाएं। इसके साथ ही सोसायटी ने वर्तमान सत्र को जीरो सत्र घोषित करते हुए सरकार से मांग की है कि प्राइवेट स्कूलों के विद्यार्थियों को अगली कक्षा में प्रमोट करने के आदेश निजी स्कूलों के लिए जारी किए जाएं।

सोसायटी का कहना है कि कई प्राइवेट स्कूल फीस नहीं जमा करवाने पर बच्चों का नाम काट देने की बात भी कह रहे हैं। जबकि कोरोना संकट में लॉकडाउन के चलते प्राइवेट नौकरियों में कहीं वेतन काटा जा रहा है तो कहीं लोगों को नौकरियों से हटाया जा रहा है। ऐसे में इन स्थितियों को ध्यान में रखते हुए सरकार निजी स्कूलों के लिए दिशा निर्देश जारी करें ताकि अभिभावकों को राहत मिल सके।