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पट्टे बांटने में नगरपालिका कानून की धारा 69ए साबित होगी जादुई : धारीवाल

पिछली भाजपा सरकार में जोड़ा गया था इस धारा को, अब कांग्रेस सरकार करेगी पूरा उपयोग

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जयपुर। राज्य सरकार प्रशासन शहरों के संग अभियान के तहत हर स्तर पर पट्टे बांटने का अपना टारगेट पूरा करने की तैयारी में है। नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल ने इसके लिए राजस्थान नगरपालिका अधिनियम की धारा 69ए को जादुई धारा बताते हुए शहरी निकायों को जल्द होमवर्क पूरा करने के निर्देश दिए हैं। सरकार इस धारा के तहत उन सभी लोगों को पट्टा देना चाह रही है, जो वर्षों से वहां रह रहे हैं लेकिन उनके पास जमीन का कोई विधिक टाइटल नहीं है। इस धारा के तहत 5 लाख पट्टे जारी होने का आकलन किया गया है। मंत्री धारीवाल ने शुक्रवार को अभियान के तहत जयपुर व भरतपुर संभाग में शामिल निकायों की वर्चुअल बैठक में यह स्थिति बताई। उन्होंने कहा कि पूर्व राजपरिवारों की जमीने जो सीलिंग में आ गई थी, उनमें बने मकानों के नियमन के लिए भी अभियान में प्रावधान होगा। गौरतलब है कि सरकार ने 10 लाख पट्टे बांटकर करीब 5 हजार करोड़ रुपए कमाने का लक्ष्य तय किया है।

यह है धारा 69ए
धारा 69ए के तहत ऐसी अकृषि जमीन जहां लोग रह रहे हैं, लेकिन उनके पास विधिक टाइटल नहीं है। ऐसे भूखंड या जमीन को संबंधित निकाय को सरेंडर की जाएगी। इसके बाद निकाय उसे विधिक पट्टा जारी करेगा। ऐसे जमीन, भूख्ंड निकाय सीमा में ही होना आवश्यक है। शहरों में पुरानी बसावट में इस धारा का इस्तेमाल कर पट्टे दिए जाएंगे।

जिन्होंने बताई समस्याएं,उनसे ही मांगा समाधान
वर्चुअल बैठक के दौरान निकाय अधिकारियों ने कई तरह की समस्याएं बताई। इनमें स्टाफ की कमी, मंदिर माफी की भूमि पर बसावट का नियमन में कानून पेच सहित अन्य समस्याएं रखीं। इस पर धारीवाल ने कहा कि समस्या और इनके संभावित समाधान आप ही सुझाएं। 7 जुलाई तक सरकार को दोनों भेजें। इस बीच उन्होंने अभियान के तहत "जन सेवा का शाश्वत अनुष्ठान और जन सेवा का महाभियान" का नारा भी दिया।


यह भी फैसला
-नगरीय निकायों में नगर नियोजन के स्वीकृत 116 नवीन पद पर जल्द भर्ती होगी
-31 जुलाई से पहले जोनल प्लान बनाने का काम पूरा करना होगा
-अधिकारियों की परफार्मेेंस जारी किए जाने वाले पट्टों के आंकड़ों पर निर्भर होगी